Fri, Jan 9, 2026

‘हर घर जल’ नहीं ‘हर घर मल’ योजना: पवन खेड़ा ने इंदौर दूषित पेयजल मामले पर सरकार से किए सवाल, पूछा- ADB का पैसा कहां गया

Written by:Shruty Kushwaha
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कांग्रेस नेता ने इस घटना को स्वच्छ भारत अभियान और हर घर जल योजना की विफलता बताते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने पाइपलाइन बदलने में देरी, ADB से आए फंड के उपयोग, हैजा की जांच, IDSP नोटिफिकेशन और WHO को सूचना देने जैसे मुद्दों पर पारदर्शिता की मांग की है।
‘हर घर जल’ नहीं ‘हर घर मल’ योजना: पवन खेड़ा ने इंदौर दूषित पेयजल मामले पर सरकार से किए सवाल, पूछा- ADB का पैसा कहां गया

Pawan Khera

जो इंदौर स्वच्छता के लिए मशहूर था उसी इंदौर में दूषित पेयजल से लोगों की जानें चली जाती है। इस घटना के बाद देशभर में न सिर्फ शहर की छवि खराब हुई है, बल्कि कई सवाल भी उठने लगे हैं। कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर प्रदेश की बीजेपी सरकार को घेर रही है। अब वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस मामले को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार से सवाल किए हैं।

उन्होंने इस घटना को स्वच्छ भारत अभियान और हर घर जल योजना की नाकामी करार दिया। पवन खेड़ा ने कहा कि “स्वच्छ भारत अभियान में इंदौर करीब 9 बार पहले स्थान पर रहा, लेकिन इस घटना ने स्वच्छ भारत अभियान और हर घर जल योजना की पोल खोलकर रख दी है।” उन्होंने सवाल किया कि वहां पाइपलाइन बदलने का ठेका 2022 में मंजूर हो चुका था, लेकिन काम नहीं हुआ। को क्या यह कट-कमीशन के कारण रुका रहा। उन्होंने कहा कि इंदौर के अलावा अमित शाह के इलाके गांधीनगर में भी टायफाइड फ़ैल रहा है, लेकिन न्यूज चैनलों पर इसकी कोई चर्चा नहीं है।

इंदौर घटना पर पवन खेड़ा ने बीजेपी को घेरा

पवन खेड़ा ने कहा कि हर घर जल योजना पर हजारों करोड़ रुपए खर्च किए गए, लेकिन यह ‘हर घर जल योजना’ नहीं, बल्कि ‘हर घर मल योजना’ है। उन्होंने कहा ‘लोगों के घरों में जो पानी आ रहा था, उसमें मल था। इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है, क्योंकि वे ही लच्छेदार बातें करते हैं।’ कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि साल 2003 में भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर को कवर करने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 2003 में 200 मिलियन डॉलर का कर्ज दिया था तो  उस पैसे का क्या हुआ?

सरकार से किए सवाल

कांग्रेस नेता ने सवाल किए हैं कि “इंदौर में जो दूषित पानी से मौतें हुई, उन मामलों में वाटर सैंपल और प्रभावित नागरिकों के स्टूल सैंपल की जांच हुई या नहीं? अगर जांच की गई तो उसमें हैजा का बैक्टीरिया मिला या नहीं? अगर हैजा के बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, तो क्या इन मामलों को IDSP के अंतर्गत नोटिफाई किया गया है कि नहीं?  क्या हैजा से सम्बंधित मामलों की सूचना राज्य सरकार द्वारा, केंद्र सरकार को दी गई? अगर दी गई तो दोनों के बीच की बातचीत को सार्वजनिक किया जाए। क्या हैजा की गंभीरता को देखते हुए इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन- 2005 के अंतर्गत WHO को नेशनल IHR फोकल प्वाइंट के नाम से सूचित किया गया या नहीं, अगर किया गया तो, उसकी भी जानकारी सार्वजनिक की जाए’।

बीजेपी पर लगाए आरोप

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि बीजेपी शासन में हवा, पानी, दवा, कफ सिरप, खाद्य पदार्थ समेत हर चीज में जहर है। उन्होंने कहा कि पिछले कई साल से मध्यप्रदेश में बीजेपी सरकार है और वहां हालात क्या है ये इंदौर की घटना से स्पष्ट हो जाता है। उन्होंने कहा कि International Centre for Sustainability की रिपोर्ट बताती है कि भारत का 70 प्रतिशत पानी दूषित हो चुका है, लेकिन बीजेपी की सरकार देश की जनता को फिजूल की बातों में उलझाए रहती है ताकि असली मुद्दों पर चर्चा ना हो सके।