जनगणना के बाद जिला स्तर की बुनियादी सुविधाओं का डाटा होगा एकत्रित, हैंडबुक में दर्ज होगा रिकॉर्ड

देश भर में जनगणना का काम पूरा होने के बाद जिला स्तर पर बुनियादी सुविधाओं का डाटा एकत्रित किया जाएगा। इससे सभी 784 जिले में नागरिकों के मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में जानकारी मिलेगी।
जनगणना के बाद जिला स्तर की बुनियादी सुविधाओं का डाटा होगा एकत्रित, हैंडबुक में दर्ज होगा रिकॉर्ड

देशभर में होने वाली जनगणना का पहला चरण जैसे ही खत्म होगा इसके 2 महीने बाद स्थानीय निकायों के सरकारी अधिकारी अलग-अलग सालों में नागरिकों को मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी जुटाएंगे। लगभग 786 जिलों में यह किया जाने वाला है ताकि देश के जिला जनगणना हैंडबुक आसानी से तैयार हो सके। इस हैंडबुक में गांव शहर में मिल रहे नागरिक बुनियादी ढांचे का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा।

इस संबंध में भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखा गया है। इस पत्र में कहा गया है की जनगणना 227 का पहला चरण पूरा होने के बाद हैंडबुक के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू किया जाए और इसे 30 दिनों के अंदर पूरा करें।

हैंडबुक के रिकॉर्ड में क्या क्या

जो हैंडबुक तैयार की जाएगी उसमें स्कूल से लेकर अस्पताल, बिजली, जल निकासी, सड़क, बैंक और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं का रिकॉर्ड होगा। इसमें बताया जाता है कि कौन सी सुविधा नागरिकों के लिए उपलब्ध है और कौन सी नहीं। वहीं जो सुविधा उपलब्ध है उसके लिए उन्हें कितनी दूर जाना पड़ता है इसका ब्यौरा भी दिया जाता है।

आजादी के बाद 1951 से इस तरह की हैंडबुक तैयार की जा रही है। अब इसे बनाने के तरीके में काफी बदलाव आ चुका है। पहली बार ऐसा होगा जब मोबाइल एप के जारी आंकड़े इकट्ठा किए जाएंगे।

इन क्षेत्रों के आंकड़े होंगे तैयार

यह हैंडबुक देश के सभी 784 जिलों में अलग-अलग तैयार होती है। इस तरह से हर गांव और शहर का नागरिक बुनियादी ढांचा बनकर तैयार होता है। इसके तहत 9 क्षेत्र में आंकड़े इकट्ठा किए जाएंगे इसमें शैक्षणिक एवं चिकित्सा, जल एवं स्वच्छता, बैंकिंग और ऋण, परिवहन और संचार, बिजली आपूर्ति, मुख्य कृषि उत्पादन, भूमि एवं सिंचाई, विनिर्मित वस्तुएं एवं संचार शामिल है।

हैंडबुक को तैयार करते समय प्रत्येक स्थानीय कर्मचारियों को इसमें या डालना होगा की सुविधा उपलब्ध है या नहीं। अगर हां तो कितनी व्यवस्था उपलब्ध है यह भी बताना होगा। अगर कोई सुविधा नहीं है तो नजदीकी सुविधा कितने किलोमीटर की दूरी पर उपलब्ध है इसका उत्तर भी तैयार किया जाता है। इसे 5 किलोमीटर या 5 से 10 किलोमीटर इस तरह से देखा जाता है। इसमें पक्की सड़कों से लेकर अग्निशमन केंद्र आशा चले जैसे नागरिक सुविधाओं का भी जिक्र होता है।

Diksha Bhanupriy
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Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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