अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस: मानव जीवन की जड़ है प्रकृति की विविधता, जानिए इस दिन का इतिहास और महत्व

जब हम जैव विविधता को बचाएंगे तो धरती स्वस्थ रहेगी, पर्यावरण संतुलित रहेगा और हमारा भविष्य सुरक्षित रहेगा। ये समझना जरूरी है कि प्रकृति में हर जीव की अपनी अहमियत है और सबका इस धरती पर समान अधिकार है। हमें पेड़-पौधों और जानवरों को बचाने की ज़रूरत है ताकि धरती का संतुलन बना रहे।
International Day for Biological Diversity

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आज अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस है। जैव विविधता का पृथ्वी पर मौजूद सभी जीव-जंतुओं, पौधों, पेड़ों, सूक्ष्मजीवों और पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता है। यह पृथ्वी के जीवन चक्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दिन का उद्देश्य पृथ्वी पर मौजूद जैविक विविधता की रक्षा करना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

सीएम मोहन यादव ने इस दिन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि ‘अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रकृति के साथ मनुष्य सहित समस्त प्राणियों का जीवन धरती के पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन पर निर्भर है। जैव विविधता से ही धरती समृद्ध और संतुलित है। आइए, जैव विविधता के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में प्रयासों में सहभागी बनें।’

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस का इतिहास

अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस हर साल 22 मई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य जैव विविधता के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना और इसके संरक्षण को बढ़ावा देना है। यह तारीख 1992 में 22 मई को नैरोबी सम्मेलन में जैविक विविधता पर कन्वेंशन के अंतिम पाठ को अपनाने की याद में चुनी गई। यह दिन जैव विविधता के महत्व को समझाने और इसके संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करने का अवसर देता है।

इस दिन का महत्व

जैव विविधता धरती पर रहने वाले सभी तरह के जानवर, पेड़-पौधे, पक्षी, कीड़े, मछलियां और उनके रहने की जगहें हैं। ये दिन इसलिए मनाया जाता है ताकि लोग प्रकृति और जीव-जंतुओं की अहमियत समझें और उन्हें बचाने की कोशिश करें। यह दिन हमें बताता है कि हमें पेड़-पौधों, जानवरों और पर्यावरण को बचाने की जरूरत है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जैव विविधता मानव जीवन के लिए आधारभूत है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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