हरियाणा में इंटरनेट पर बढ़ी पाबंदी, सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों ने बढ़ाई दिल्ली वासियों की चिंता

Nuh Violence

Nuh Violence: हरियाणा में हुई हिंसा की आग ने लोगों के मन में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। आलम यह है कि हरियाणा के अलावा इसके आसपास के क्षेत्रों में भी लोग चिंता में दिखाई दे रहे हैं। यही चिंताजनक स्थिति कल राजधानी दिल्ली में तब देखी गई जब अचानक से ही सोशल मीडिया पर दंगे के वीडियो वायरल होने लगे। आलम यह था कि सड़क पर लोगों की चहल-पहल कम हो गई और सभी ने एक दूसरे से फोन के जरिए हालचाल जानना शुरू कर दिया। ये माहौल उत्तरी दिल्ली और बाहरी दिल्ली इलाकों में देखने को मिला।

पुलिस ने जारी किया बयान

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के कारण पुलिस के पास भी कई फोन आने लगे। हालातों को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने बयान जारी कर किसी भी तरह की बवाल की बात से इंकार किया। लोगों को कहा गया कि वह अफवाह पर बिल्कुल भी ध्यान ना दें। वहीं जो लोग सोशल मीडिया पर इस तरह की अफवाह फैला रहे थे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें नूंह में हुए बवाल के बाद राजधानी में अलर्ट जारी है।

वायरल हुए पुराने वीडियो

बता दें कि बजरंग दल ने दिल्ली में 23 जगहों पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसे लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी था। इस प्रदर्शन के दौरान बलवे की आशंका के मैसेज धीरे धीरे कर वायरल होने लगे। लोगों से कहा जाने लगा कि बहुत जरूरी होने पर ही वह घर से बाहर निकले। लेकिन फिर सीलमपुर, मौजपुर, करावल, खजूरी, दयालपुर, शिव विहार जैसी जगहों पर सांप्रदायिक हिंसा होने की बातें फैलने लगी। शरारती तत्वों ने दंगे की पुरानी वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर वायरल करना शुरू कर दिया।

वायरल वीडियो देखकर लोग काफी चिंता में आ गए और पुलिस बल के पास जब फोन कॉल आए तब जाकर उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त ने मीडिया के सामने बयान जारी कर किसी भी तरह की हिंसा से इनकार किया।

दिल्ली में भी मोहर्रम के दिन जो हंगामा हुआ था उसके बाद से लोगों में दहशत का माहौल था। जब वीडियो डालकर हिंसा की बात की जाने लगी तो बाहरी जिला उपायुक्त ने इनके पुराने होने की बात कर हिंसा की बात से इनकार किया। दिनभर इस तरह की खबरों के आने का दौर जारी था और सुरक्षा के इंतजामों के बीच लोगों को समझाइश दी जा रही थी।

नूंह हिंसा में 116 गिरफ्तारी

इधर हरियाणा में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति ना बने इसे देखते हुए अर्धसैनिक बलों के 20 टुकड़ियों को तैनात किया गया है। यहां फैली हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से दो होमगार्ड के जवान और चार नागरिक हैं। अब तक 116 की गिरफ्तारी हुई है वह 90 से ज्यादा को हिरासत में लिया गया है इन पर पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जो भी इसमें शामिल है, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

दंगाइयों से वसूली

हिंसा की इस आग में सरकारी और निजी दोनों तरह की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। इस मामले में मुख्यमंत्री का कहना है कि हिंसा में हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए एक योजना चलाई जाएगी। यहां पर उन्होंने एक अधिनियम का चित्र भी किया है जिसमें सरकारी संपत्ति को कोई नुकसान की जिम्मेदारी प्रशासन द्वारा उठाने का नियम है। वहीं लोगों की निजी संपत्ति को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई उन्होंने दंगाइयों से करने की बात कही है। नूंह के साथ पलवल, सोहना, फरीदाबाद, पटौदी, मानेसर में इंटरनेट सेवा 5 अगस्त तक बंद कर दी गई है।

Diksha Bhanupriy
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10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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