
आजकल हर व्यक्ति अपने सारे काम घर बैठे बैठे ऑनलाइन करना ज्यादा पसंद करता है। चाहे वो शॉपिंग हो या फिर ट्रैवल के लिए टिकट बुकिंग सब कुछ आसानी से हो जाता है। हालांकि, इन सब के बीच फर्जीवाड़ा कहीं ना कहीं लोगों का नुकसान भी करता है। अब इसी धांधली को रोकने के लिए IRCTC ने बड़ा कदम उठाया है। इसके बाद अब फर्जी आईडी से टिकट बुक करना मुश्किल होने वाला है।
इंडियन रेलवे ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए कुछ अपडेट किए हैं। इसके बाद अगर कोई यूजर फर्जी आईडी से टिकट बुक करता है तो वो नहीं होगी। रेलवे ने बूट डिटेक्शन टूल की मदद से कई सारे फेक अकाउंट्स को वेरिफाई कर उन्हें बंद कर दिया है। इससे अब आम यात्रियों को आसानी से टिकट मिल सकेगी।
रेलवे ने बंद किए फेक अकाउंट्स (IRCTC)
बुकिंग प्रणाली में निष्पक्षता लाने के लिए रेलवे ने ये बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए अब डिस्पोजेबल ईमेल आईडी से बनाए गए यूजर आईडी का पता कर उन्हें निष्क्रिय किया जा रहा है। इस तरह से अनाधिकृत एजेंट्स पर अंकुश लगाने की कोशिश की जा रही है।
3.5 करोड़ आईडी हुई ब्लॉक
रेलवे की तरफ से पिछले 1 साल में 3.5 करोड़ फर्जी यूजर आईडी ब्लॉक की गई है। इसके बाद प्लेटफार्म पर सिस्टम की भीड़भाड़ काफी कम देखने को मिली है। अनाधिकृत एजेंट प्लेटफार्म का किस तरह से दुरुपयोग करते हैं इस बात की जानकारी भी सामने आई है।
आधार वेरिफिकेशन होगा शुरू
फर्जी आईडी को ब्लॉक करने के अलावा यात्रियों को टिकट आसानी से मिल सके इसके लिए अब आधार वेरिफिकेशन के जरिए टिकट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत तत्काल टिकट बुक करने के लिए ई आधार प्रमाणीकरण का इस्तेमाल शुरू होगा। इसकी मदद से यात्रियों को जरूरत के समय आसानी से कंफर्म टिकट मिल सकेगी। बता दें कि हर रोज लगभग 225000 से ज्यादा यात्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए तत्काल टिकट की बुकिंग करते हैं। एक अधिसूचना जारी की गई है जिसमें रेलवे मंत्रालय रेलवे बोर्ड द्वारा यह अधिसूचित किया गया है कि रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र को ईकेवाईसी प्रमाणीकरण सुविधा का उपयोग कर यात्रियों की पहचान स्थापित करने के लिए आधार प्रमाणीकरण की अनुमति दी जा रही है।
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