IRCTC घोटाले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ चलेगा केस, आरोप तय, बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका

अदालत में सभी आरोपियों ने अपराध स्वीकार करने से इनकार किया है। आरोप तय होने के बाद अब ट्रायल शुरू होगा, जिसमें गवाहों की गवाही ली जाएगी और सबूतों की जांच होगी। बचाव पक्ष को भी अपना तर्क रखने और सबूत पेश करने का मौका मिलेगा। बिहार विधानसभा चुनावो की तारीख घोषित हो चुकी है और इस बीच लालू परिवार के खिलाफ अदालत के इस फैसले का असर प्रदेश की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) घोटाले में राष्ट्रीय जनता दल  अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव समेत कुल 14 आरोपियों पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोप तय कर दिए है। इसका अर्थ है कि अब इनके खिलाफ मुकदमा चलेगा।

अदालत ने आरोपियों से पूछा कि क्या वे अपना अपराध स्वीकार करते हैं। इसके जवाब में सभी ने अपराध स्वीकार करने से इनकार किया और मुकदमे का सामना करने की बात कही है। अदालत ने इसके विरूद्ध आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप तय किए हैं। यह फैसला बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच आया है जिसका राजनीतिक प्रभाव पड़ने की संभावना है।

लालू परिवार के खिलाफ चलेगा मुकदमा

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने IRCTC होटल अनुबंध घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और 11 अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय कर दिए है। स्पेशल सीबीआई जज विशाल गोगने की अदालत ने सभी 14 आरोपियों से पूछा कि क्या वे अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार करते हैं। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए। लालू प्रसाद पर अतिरिक्त रूप से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(d) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे। कोर्ट परिसर में भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सभी आरोपियों को 24 सितंबर के आदेश के बाद व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया था।

क्या है मामला

यह मामला 2004-2009 के दौरान लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते IRCTC के रांची (BNR होटल) और पुरी (BNR होटल) स्थित दो होटलों के रखरखाव अनुबंध से जुड़ा है। सीबीआई के अनुसार, ये अनुबंध सुजाता होटल्स नामक निजी कंपनी (जिसके मालिक विजय और विनय कोचर हैं) को अनियमित तरीके से आवंटित किए गए। आरोप है कि इसके बदले में लालू परिवार से जुड़ी एक कंपनी को दिल्ली के पॉश इलाके में तीन एकड़ जमीन सौंप दी गई, जो कथित रूप से रिश्वत का हिस्सा थी। CBI ने 7 जुलाई 2017 को मामले प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में पटना, दिल्ली, रांची और गुरुग्राम में छापेमारी की।

अदालत ने तय किए आरोप

चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता, IRCTC के पूर्व अधिकारी और अन्य 10 लोग आरोपी बनाए गए हैं। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि अनुबंध आवंटन में साजिश रची गई और सरकारी पद का दुरुपयोग हुआ। बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि कोई अनियमितता नहीं हुई और आरोप तय करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं..लेकिन अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया और आरोप तय कर दिए हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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