बिहार विधानसभा चुनाव के साथ जम्मू-कश्मीर में हो सकता है उपचुनाव, कितनी सीटों पर मुकाबला और क्या असर

चुनाव आयोग ने इन उपचुनावों को अप्रैल 2025 तक कराने की समय सीमा को पूरा नहीं किया, क्योंकि सर्दियों में जम्मू-कश्मीर में मौसम और सुरक्षा स्थिति के कारण यह संभव नहीं था।
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जम्मू-कश्मीर में दो विधानसभा सीटों, बडगाम और नगरोटा के लिए उपचुनाव जल्द ही बिहार विधानसभा चुनावों के साथ होने की संभावना है। ये सीटें पिछले एक साल से खाली हैं। बडगाम सीट 21 अक्टूबर, 2024 से खाली है, जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गंदेरबल सीट को बनाए रखने का फैसला किया। वहीं, नगरोटा सीट 31 अक्टूबर 2024 को विधायक देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद खाली हुई।

चुनाव आयोग ने इन उपचुनावों को अप्रैल 2025 तक कराने की समय सीमा को पूरा नहीं किया, क्योंकि सर्दियों में जम्मू-कश्मीर में मौसम और सुरक्षा स्थिति के कारण यह संभव नहीं था। 22 अप्रैल को पहलगाम हमले ने भी तैयारियों में बाधा डाली। इस देरी का मामला अब जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि, अब चुनाव आयोग बिहार चुनावों के साथ उपचुनाव कराने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए निर्वाचक नामावली का संशोधन भी पूरा हो चुका है।

राज्यसभा सीटों के लिए भी चुनाव जल्द

इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों के लिए भी चुनाव जल्द होने की उम्मीद है जो फरवरी 2021 से खाली हैं। इन सीटों का कार्यकाल घुलाम नबी आजाद, नजीर अहमद लावे, मीर मुहम्मद फैयाज और शमशेर सिंह मन्हास के फरवरी 2021 में समाप्त होने के बाद से रिक्त है।

रोटेशन सिद्धांत को लागू करने की कोशिश

चुनाव आयोग इन सीटों के लिए रोटेशन सिद्धांत को लागू करने की कोशिश में था, लेकिन अब जल्द ही इनके लिए चुनाव कराने की योजना है। रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में उपचुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त संशोधन 8 अप्रैल से शुरू होकर 24 अप्रैल को पूरा हुआ और अंतिम मतदाता सूची 5 मई को प्रकाशित की गई।

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