जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमले के मामले में SIT का गठन, हमलावर से पूछताछ जारी

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह घटना पिछले बुधवार को एक शादी समारोह के दौरान हुई थी, जिसमें 63 वर्षीय हमलावर को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। एसआईटी अब इस हमले के पीछे की साजिश का पता लगाएगी।
Farooq Abdullah

जम्मू: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर पिछले हफ्ते हुए जानलेवा हमले के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक उच्च-स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम को हमले के पीछे की पूरी सच्चाई और संभावित साजिश का पर्दाफाश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह हमला पिछले बुधवार रात को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में हुआ था। फारूक अब्दुल्ला एक शादी समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, रात करीब 10 बजे जब वह बैंक्वेट हॉल से बाहर निकल रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने पीछे से उन पर गोलियां चला दीं। हालांकि, इस हमले में वह बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हमलावर को दबोच लिया।

कौन है हमलावर और क्या है जांच का दायरा?

पुलिस ने हमलावर की पहचान जम्मू निवासी 63 वर्षीय कमल सिंह के रूप में की है। उसके पास से एक रिवॉल्वर भी बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल उसने हमले में किया था। आरोपी के खिलाफ जम्मू के गंग्याल पुलिस स्टेशन में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल उससे लगातार पूछताछ चल रही है।

पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहन और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कमल सिंह ने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया या इसके पीछे किसी संगठन या बड़ी साजिश का हाथ है।

SIT में शामिल हैं ये वरिष्ठ अधिकारी

जम्मू जोन के आईजीपी भीम सेन तुती के आदेश पर गठित इस एसआईटी की निगरानी जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी करेंगे। टीम का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय शर्मा को सौंपा गया है।

इस जांच दल में कई अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिनमें एसपी मुख्यालय इरशाद हुसैन राथर, डीएसपी अरविंद कुमार सांब्याल और कई अन्य इंस्पेक्टर शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी को निर्देश दिया गया है कि वे जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करें ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके और दोषियों को कानून के तहत सजा दिलाई जा सके।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

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