13 साल की काजल ने मासूम को बचाने के लिए लगा दी कुएं में छलांग, वीरता पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा नाम

13 साल की काजल ने मासूम को बचाने के लिए लगा दी कुएं में छलांग, वीरता पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा नाम

Kajal saved the child’s life : झारखंड की काजल की बहादुरी के किस्से सबकी ज़बान पर है। इस छोटी सी उम्र में उसने जो कारनामा कर दिखाया है, किसी और के लिए उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। किसी और की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा देने से बड़ा जोखिम कुछ नहीं। लेकिन छोटी सी उम्र में काजल ने कुछ ऐसा कर दिया है जिसके लिए उसे हमेशा याद रखा जाएगा।

चतरा जिले के हुसैन गांव में 13 साल की काजल कुमारी भुइयां ने तीन साल के बच्चे को बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। दरअसल 3 साल का शिवम कुएं के पास खेल रहा था और इसी दौरान वो कुएं में गिर गया। काजल वहीं थी और उसने जैसे ही शिवम को गिरते हुए देखा, तुरंत उसे बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। इसके बाद उसने शिवम को एक हाथ से पकड़े रखा और दूसरे हाथ से मोटर के पाइप को पकड़ लिया। साथ ही वो ज़ोर ज़ोर से मदद के लिए आवाज़ लगाने लगी। उसकी आवाज़ सुनकर गांववाले इकट्ठा हो गए और फिर सबने मिलकर दोनों को बाहर निकाला। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रस्सी के सहारे दोनों को बाहर निकाला जा सका।

काजल रिश्ते में शिवम की मौसी लगती है। कुएं में कूदने के कारण उसे चोट भी आई है और इलाज के लिए उसे शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज हजारीबाग भेजा गया है। वहीं इस घटना की जानकारी मिलने पर चतरा के उपायुक्त ने काजल की प्रशंसा की है और कहा है कि उसे पुरस्कृत किया जाएगा। इसी के साथ उन्होने काजल का नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजने की बात भी कही है। बहरहाल, काजल का इलाज चल रहा है और नन्हा शिवम भी सकुशल है। छोटी सी बच्ची की इस समझदारी और बहादुरी ने एक बड़ा हादसा होने के रोक लिया और अब इलाके में सभी उसकी तारीफ कर रहे हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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