राजनीति की बिसात पर कौन कब, किससे मिलता है और इस मुलाकात के पीछे क्या राज़ छिपे होते हैं, यह कहना हमेशा दिलचस्प होता है। खासकर तब जब एक अपेक्षाकृत नई और अलग नाम वाली पार्टी, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से सीधे तीन बड़ी और ज्वलंत मांगों के साथ मुलाकात करे। दिल्ली में सोमवार को हुई यह मुलाकात इन्हीं अटकलों और संभावनाओं को हवा देती दिखी, कि आखिर CJP जैसी पार्टी इतनी बेबाकी से क्या संदेश देना चाहती है।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर दस्तक दी। पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बैठक के बाद मीडिया को बताया कि यह केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि इसमें उनकी पार्टी ने तीन महत्वपूर्ण और तात्कालिक मांगें नड्डा के सामने रखीं। इन मांगों पर नड्डा ने वरिष्ठ नेतृत्व से चर्चा के बाद निर्णय की जानकारी देने का आश्वासन दिया है, जो अपने आप में इस बात का संकेत है कि मामला कितना गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा।
CJP ने विस्तार से रखीं अपनी मांगें
रांका के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल दोपहर करीब 12 बजे जेपी नड्डा के आवास पहुंचा था, जहां पहली दौर की मुलाकात दोपहर 2:15 बजे हुई। इसके बाद, शाम करीब 4 बजे दूसरे दौर की चर्चा हुई। दो-दो दौर की यह मुलाकात दर्शाती है कि CJP अपने मुद्दों को लेकर कितनी गंभीर है और भाजपा नेतृत्व ने भी उनकी बातों को सुनने में पर्याप्त समय दिया है। दोनों बैठकों में पार्टी की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसका मतलब है कि हर पहलू पर गौर किया गया और हर बिंदु को विस्तार से समझाया गया होगा।
पहली मांग- सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए
रांका ने बताया कि उनकी पहली मांग पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा करने की है। यह मांग केवल रिहाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें यह भी शामिल है कि उन्हें वीडियो संदेश के माध्यम से लोगों को संबोधित करने की अनुमति दी जाए। यह मांग एक ऐसे समय में आई है जब वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज़ को दबाने के आरोप अक्सर लगते रहते हैं। CJP का यह कदम मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे को केंद्र में लाने की एक मुखर कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, जो सरकार के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बन सकता है।
दूसरी मांग- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
दूसरी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर है। CJP ने उन्हें ‘अयोग्य शिक्षा मंत्री’ करार दिया है और उनकी तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा स्वीकार करने की मांग की है। यह एक सीधा और तीखा हमला है, जो हाल ही में NEET पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय पर उठ रहे सवालों के बीच आया है। CJP का यह रुख सरकार पर शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही तय करने का दबाव डालता है और यह सवाल उठाता है कि क्या मंत्री अपने पद पर बने रहने के योग्य हैं या नहीं।
तीसरी मांग- NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा
तीसरी और शायद सबसे संवेदनशील मांग NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है। यह मांग उन परिवारों के दर्द को आवाज़ देती है, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया और जिनका भविष्य शिक्षा प्रणाली की कथित विफलताओं के कारण तबाह हो गया। यह केवल वित्तीय मुआवजे की मांग नहीं है, बल्कि यह उन छात्रों के प्रति संवेदना और न्याय की मांग भी है, जो एक बेहतर भविष्य की उम्मीद में थे और जिनकी उम्मीदें टूट गईं।
बैठक के बाद जब आशुतोष रांका से नड्डा के आश्वासन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उन्हें केवल इतना भरोसा दिया गया है कि उनकी सभी मांगों पर भाजपा का वरिष्ठ नेतृत्व चर्चा करेगा। इसके बाद जो भी निर्णय होगा, उसकी जानकारी जल्द ही पार्टी को दे दी जाएगी। यह एक मानक राजनीतिक प्रतिक्रिया है, जो अक्सर ऐसे मामलों में दी जाती है, लेकिन CJP के लिए यह एक संकेत है कि उनकी आवाज़ सुनी गई है। अब देखना यह होगा कि भाजपा का वरिष्ठ नेतृत्व इन गंभीर मांगों पर क्या रुख अपनाता है और क्या CJP की यह मुलाकात वाकई किसी बड़े बदलाव की नींव रखेगी या केवल एक और राजनीतिक घटना बनकर रह जाएगी। सियासत के गलियारों में ऐसी मुलाकातें अक्सर बड़ी कहानियों का आगाज़ होती हैं, और यह भी कुछ ऐसा ही संकेत दे रही है।
VIDEO | Delhi: After meeting Union Minister JP Nadda, Cockroach Janta Party (CJP) spokesperson Ashutosh Ranka says, “We came to Nadda ji’s residence at around 12 o’clock. We met him at around 2:15 pm. We placed 3 demands before him. First, Sonam Wangchuk ji should be released… pic.twitter.com/L2M7uJROzf
— Press Trust of India (@PTI_News) July 20, 2026





