
कपिल सिब्बल
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा किए गए ‘बड़े पैमाने पर चुनावी धोखाधड़ी’ के खुलासे को लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने देश के सामने एक गंभीर मुद्दा रखा है और यह केवल वही कर सकता है, जो सच्चे अर्थों में देशभक्त हो। सिब्बल ने यह भी मांग की कि इस कथित धोखाधड़ी में जो भी लोग शामिल पाए जाएं, उनकी नागरिकता रद्द की जानी चाहिए। उनके मुताबिक, यह सिर्फ चुनावी प्रक्रिया की खामी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला है।
कई राज्यों में वोटों की हेराफेरी
राहुल गांधी ने संसद में कहा कि देश की चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली और बिहार में वोट हेराफेरी के पुख्ता सबूत हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले बैलेट पेपर के समय एक ही दिन में वोटिंग हो जाती थी, लेकिन अब ईवीएम के जमाने में 5 से 7 चरणों में मतदान होते हैं, जिससे हेराफेरी की गुंजाइश बढ़ जाती है। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि सिर्फ पांच महीने के भीतर पांच लाख से ज्यादा नए वोटर्स जोड़े गए। राहुल के अनुसार, लोकसभा चुनाव में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) जीत हासिल करती है, लेकिन विधानसभा चुनाव में नतीजे पूरी तरह बदल जाते हैं। उनके मुताबिक, विधानसभा चुनाव में अचानक एक करोड़ नए वोटर्स आ जाते हैं, जबकि लोकसभा में ऐसा नहीं होता।
चुनाव आयोग पर भी सवाल
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी ने चुनाव आयोग से डिजिटल वोटर लिस्ट मांगी, लेकिन आयोग ने देने से इनकार कर दिया। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने वोटिंग सेंटर्स की सीसीटीवी फुटेज को डिलीट करने की बात कही। राहुल का कहना था कि अगर वोटिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, तो आयोग को इन सूचनाओं को सार्वजनिक करने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
कपिल सिब्बल की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के इन आरोपों पर कपिल सिब्बल ने कहा ने कहा- “आज राहुल गांधी ने कर्नाटक में, खासकर एक निर्वाचन क्षेत्र में हुई हेराफेरी के बारे में कुछ चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए। यह हमें बताता है कि देश भर में बड़े पैमाने पर चुनावी धोखाधड़ी हो रही है।” सिब्बल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली और बिहार, चारों जगह वोट हेराफेरी के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी का पैमाना और प्रकृति इतनी गंभीर है कि इसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। सिब्बल ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने इन तथ्यों को देश की जनता के सामने रखकर बहुत बड़ी सेवा की है। कपिल सिब्बल ने कहा-“केवल एक सच्चा देशभक्त ही ऐसा कर सकता है।
राजनीतिक महत्व और आगे की चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर राहुल गांधी और कपिल सिब्बल के आरोपों की स्वतंत्र जांच होती है और वे साबित होते हैं, तो यह देश की चुनावी प्रणाली में बड़े सुधार का कारण बन सकता है। हालांकि, चुनाव आयोग पहले ही कई मौकों पर कह चुका है कि ईवीएम सुरक्षित हैं और वोटिंग प्रक्रिया पारदर्शी है। बावजूद इसके, विपक्ष लगातार यह सवाल उठाता रहा है कि जबतक चुनावी प्रक्रिया की निगरानी और डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, तब तक लोगों का भरोसा पूरी तरह बहाल नहीं हो सकता।
विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने
यह मामला अब सिर्फ चुनावी तकनीक पर बहस नहीं, बल्कि राजनीतिक टकराव का भी विषय बन चुका है। सत्ता पक्ष जहां ईवीएम की विश्वसनीयता का बचाव कर रहा है, वहीं विपक्ष इसे लोकतंत्र की जड़ों पर हमला बता रहा है। कपिल सिब्बल के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक गर्मी और बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस पर जोरदार बहस होने की उम्मीद है।
