डीके शिवकुमार कैबिनेट में कलह, दो दिन में ही मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, मुख्यमंत्री ने कही बड़ी बात

रेड्डी ने कहा, मैंने पूर्व मुख्यमंत्रियों एम. वीरप्पा मोइली और एस.एम. कृष्णा सहित अन्य के मंत्रिमंडलों में मंत्री के रूप में कार्य किया है। मैंने कभी किसी से मंत्री पद की मांग नहीं की।
Minister Ramalinga Reddy resigns from DK Shivakumar cabinet

Minister Ramalinga Reddy resigns from DK Shivakumar cabinet

कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनते ही 48 घंटे में ही कलह शुरू हो गई है, और मुख्यमंत्री एवं संगठन पर वादाखिलाफी के आरोप लगने लगे हैं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री आर रामलिंगा रेड्डी ने शपथ ग्रहण के महज दो दिन बाद आज शुक्रवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने उन्हने आवंटित विभागों को लेकर असंतोष व्यक्त किया है।

रेड्डी ने अपने इस्तीफे में दावा किया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने पहले उन्हें बेंगलुरु विकास मंत्रालय का विभाग देने का आश्वासन दिया था। रेड्डी के अनुसार, 2023 में यह समझौता हुआ था कि ढाई साल बाद शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उन्हें यह विभाग सौंपा जाएगा लेकिन ये वादा पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।  निराशा व्यक्त करते हुए रेड्डी ने कहा, मुझे बार-बार अपमानित होना पड़ा है, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने ये भी कहा, मैं क्रोधित नहीं हूँ, केवल निराश हूँ।

मैं कांग्रेस में 53 वर्षों से हूँ और आगे भी रहूँगा 

रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि वे स्वयं मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा नहीं सौंपेंगे बल्कि अपने निजी सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजेंगे। रेड्डी ने भी स्पष्ट किया है कि केवल  वे मंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं वे  कांग्रेस विधायक हैं और पार्टी के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे। मैं पिछले 53 वर्षों से कांग्रेस पार्टी में हूं और आगे भी रहूँगा ।

डीके शिवकुमार ने कहा चिंता की बात नहीं 

मंत्री आर रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, चिंता की कोई बात नहीं है। वह मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम कैबिनेट में सबसे करीबी दोस्त हैं। हम समस्या का समाधान निकाल लेंगे। शिवकुमार ने कहा रामलिंगा रेड्डी मेरे सहयोगी और हमारे वरिष्ठ नेता हैं उन्होंने कहा कि मुझे उन्हें कोई और मंत्री पद देना चाहिए, मैं रामलिंगा रेड्डी से बात करूंगा और सब कुछ ठीक कर दूंगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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