क्या आप जानते है : SDM का कैसा होता है रुतबा, इतनी मिलती है सैलरी, बंगले-गाड़ी के साथ दी जाती है ये खास सुविधाएं

SDM

SDM Power/Salary /Facility: उत्तर प्रदेश के ज्योति मौर्या केस के बाद इन दिनों एसडीएम का पद चर्चाओं में बना हुआ है। इस केस के बाद अब हर कोई इस पद के पावर, सैलरी और अन्य सुविधाओं के बारें में सर्च करने में जुटा हुआ है जैसे एसडीएम बनने के लिए कितना पढ़ा-लिखा होना चाहिए ? कितनी मिलती है सैलरी और क्या होती हैं जिम्मेदारियां, क्या पॉवर होते है? तो चलिए आज हम आपको बताते है कि एक एसडीएम बनने के लिए क्या क्या करना होता है और उन्हें सैलरी, बंगला और गाड़ी के साथ क्या क्या सुविधाएं मिलती है।

कैसे बनते है एसडीएम, क्या क्या होते है काम

  1. SDM यानी सब डिविजनल मजिस्ट्रेट। SDM बनने के लिए राज्य स्तर की सिविल सेवा यानी PCS परीक्षा पास करनी होती है, जिसे संबंधित राज्य का लोक सेवा आयोग जैसे कि यूपी में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, बिहार में बिहार लोक सेवा आयोग, राजस्थान में राजस्थान लोक सेवा आयोग, मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग आयोजित करता है।
  2. किसी जिले के DM यानी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के नीचे काम करता है। यह किसी जिले में डीएम के बाद दूसरे नंबर का रुतबा रखता है। SDM का पावर DM से कम नहीं होता है। एसडीएम को असिस्टेंट मजिस्ट्रेट भी कहते हैं।
  3. इसके लिए न्यूतनम योग्यता किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना है। इस भर्ती प्रक्रिया में तीन चरण होते हैं। सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा, इसके बाद मुख्य परीक्षा और आखिर में इंटरव्यू होता है।

क्‍या करना पड़ता है काम

SDM का काम रजिस्ट्रेशन, राजस्व कार्य, चुनाव आधारित कार्य, विवाह पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण और जारी करना, शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण और जारी करना आदि होता है। एसडीएम तहसील के तहसीलदार और जिले के एसडीएम के बीच कड़ी होता है। लॉ एंड ऑर्डर भी बनाए रखने में भूमिका निभाता है।

  1.  प्रशासनिक और न्यायिक कार्य देखना
  2.  क्षेत्रीय विवाद निपटाना और आपदा प्रबंधन
  3.  राजस्व कार्याों में भूमि रिकॉर्ड का रख-रखाव
  4.  राजस्व मामलों का संचालन
  5.  सीमांकन और अतिक्रमण जैसे मामलों का निपटारा
  6.  सार्वजनिक भूमि का संरक्षण और भू पंजीकरण

सैलरी समेत मिलती है ये सुविधाएं

  1. एसडीएम अफसर को पे बैंड 9300-34800 में ग्रेड पे 5400 के साथ सैलरी मिलती है। उनकी सैलरी 56,100 रुपये से शुरू होती है।
  2. इसके साथ ही कई भत्ते और अन्‍य सुविधाएं भी दी जाती हैं। इसके अलावा आवास, सुरक्षा गार्ड और नौकर आदि की व्‍यवस्‍था भी रहती है।
  3. टेलीफोन और बिजली का बिल सरकार की तरफ से भरा जाता है। राज्‍यभर में यात्राओं के दौरान उच्‍च श्रेणी आवास सुविधा, हायर स्‍टडी के लिए अवकाश और पेंशन की सुविधा भी मिलती है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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