कूनो नेशनल पार्क में चीते की गोली लगने से मौत, राज्य सरकार की STF के बाद केंद्र सरकार ने बनाई हाई-लेवल जांच टीम

केंद्र सरकार की ये टीम चीते की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की गहराई से जांच करेगी , उपलब्ध सभी साक्ष्यों का परीक्षण करेगीम केंद्र सरकार की टीम मध्य प्रदेश वन विभाग के साथ मिलकर काम करेगी जिससे इस मामले में सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
Cheetah file photo

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देश के महत्वाकांक्षी चीता प्रोजेक्ट को एक बड़ा झटका लगा है, घायल अवस्था में मिले 19 महीने के नर चीता KNG22 की इलाज के दौरान मौत हो गई, सर्जरी में उसके शरीर से पांच गोली नुमा छर्रे निकले जिसमें चीता की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं , राज्य शासन ने घटना की जांच के लिए STF का गठन कर दिया लेकिन अब केंद्र सरकार ने भी इसपर सख्त एक्शन लिया हैं केंद्र ने एक हाई लेवल टीम को जांच के लिए नियुक्त किया है जिसमें NTCA और WCCB के अधिकारी शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में जन्मे 19 महीने के नर चीते KNG22 को वन विभाग की टीम ने मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र से रेस्क्यू किया था, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. समीता राजौरा की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि KNG22 को  25 अक्टूबर को श्योपुर टेरिटोरियल फॉरेस्ट डिवीजन के कंपार्टमेंट नंबर 748 में घायल अवस्था में पाया गया था और रेस्क्यू किया गया था लेकिन कल 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई।

अंगों में गंभीर आंतरिक चोटों के चलते चीते की मौत 

वन विभाग के मुताबिक रेस्क्यू टीम उसे लेकर श्योपुर आई और एक्स-रे से पता चला कि चीते के शरीर में अलग-अलग जगह चोट दिखाई दी, कई बाहरी बाहरी वस्तुएं दिखाई दी उसका इलाज शुरू किया गया। लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञों की सलाह पर बेहतर इलाज के लिए जबलपुर स्थित NDVSU के पशु चिकित्सा सर्जरी और रेडियोलॉजी विभाग में भेज दिया गया था।

सर्जरी में निकले बंदूक की गोलीनुमा पांच छर्रे 

जबलपुर में डॉक्टर्स ने परीक्षण के दौरान सिटी स्कैन किया जहाँ उसके शरीर में कई बाहरी वस्तुएं दिखाई दी जिसने उसके आन्तरिक अंगों को गहरी चोट पहुंचाई, इन वस्तुओं ने उसकी मांसपेशियों और हड्डियों के ढांचे और नर्वस सिस्टम  को नुकसान पहुंचाया। उसकी तत्काल सर्जरी की गई जिसमें चीते के शरीर से बंदूक की गोलीनुमा पांच छर्रे निकाले गए। लेकिन वरिष्ठ पशु चिकित्सकों की टीम के लगातार प्रयास के बाद भी चीते को बचाया नहीं जा सका।

MP सरकार ने घटना की जांच के लिए बनाई STF 

चीते की गोली लगने से हुई मौत की घटना को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है और इसकी विस्तृत जांच करने के लिए वन और पुलिस अधिकारियों को मिलाकर STF का गठन किया है। KNG22 की मौत के साथ है भारत में चीतों की कुल संख्या 58 रह गई है, जिसमें कूनो नेशनल पार्क में 52 चीते, गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में 4 चीते और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (VDTR) में 2 चीते शामिल हैं।

NTCA और WCCB के अधिकारियों की टीम करेगी जांच 

कूनो नेशनल पार्क में गोली लगने से 19 महीने के नर चीते चीता KNG22 की मौत पर केंद्र सरकार ने गंभीर संज्ञान लिया है। केंद्र सरकार ने इस घटना की मौके पर जाकर जांच करने के लिए एक उच्च-स्तरीय टीम भेजी है। केंद्रीय टीम में वन महानिरीक्षक, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA), अतिरिक्त निदेशक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) और क्षेत्रीय उप निदेशक, WCCB शामिल हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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