भारत के मशहूर पूर्व टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस अब आधिकारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सुकांत मजूमदार की मौजूदगी में पेस ने पार्टी की सदस्यता ली। पेस के बीजेपी में शामिल होने को पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, खासकर कोलकाता और शहरी इलाकों में पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिहाज से। खेल जगत से राजनीति में कदम रखने वाले बड़े चेहरों की फेहरिस्त में अब लिएंडर पेस का नाम भी जुड़ गया है, जिससे बीजेपी को राज्य में अपनी पैठ मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लिएंडर पेस के राजनीतिक गलियारों में आने की चर्चा काफी समय से चल रही थी। उन्होंने कुछ समय पहले ही पश्चिम बंगाल दौरे पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी। इस बैठक में राज्य के अन्य भाजपा नेता सौमिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे, जिसके बाद पेस के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। अब बीजेपी का दामन थामकर पेस ने इन सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है और सक्रिय राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत की है। उनके इस कदम से बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
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बीजेपी में खेल हस्तियों का शामिल होना कोई नई परिघटना नहीं है, बल्कि यह पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा रहा है। लिएंडर पेस से पहले भी अलग-अलग खेलों के तमाम दिग्गज खिलाड़ी बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। इनमें से कई ने लोकसभा या विधानसभा चुनाव लड़े, कुछ केंद्रीय मंत्री बने तो कुछ राज्यसभा सांसद के तौर पर संसद में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यह रणनीति बीजेपी को विभिन्न सामाजिक और आयु वर्गों के मतदाताओं तक पहुंचने में मदद करती है।
इस सूची में सबसे प्रमुख नाम पूर्व केंद्रीय मंत्री और ओलंपिक पदक विजेता राज्यवर्धन सिंह राठौर का है। 2004 एथेंस ओलंपिक में शूटिंग में रजत पदक जीतने वाले राठौर ने लगभग 2004 के आसपास बीजेपी ज्वाइन की थी। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे हैं और अब तक बीजेपी में शामिल होकर राजनीति में सबसे ऊंचे पद पर पहुंचने वाले खिलाड़ी के तौर पर जाने जाते हैं। उनकी उपलब्धि बीजेपी के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है कि खेल के मैदान के सितारे राजनीति में भी चमक सकते हैं।
बैडमिंटन की दुनिया की मशहूर खिलाड़ी साइना नेहवाल ने भी साल 2020 में बीजेपी की सदस्यता ली थी। वह सक्रिय रूप से पार्टी की सदस्य हैं और विभिन्न प्रचार अभियानों और कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती हैं। क्रिकेट जगत से भी कई बड़े नाम बीजेपी से जुड़े हैं। भारतीय टीम के ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने 2024 में बीजेपी ज्वाइन की थी। वह पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं, हालांकि अभी उनके पास कोई चुनावी पद नहीं है। यह दिलचस्प है कि उनकी पत्नी रिवाबा जडेजा पहले से ही गुजरात में बीजेपी की विधायक हैं, जो यह दर्शाता है कि बीजेपी क्रिकेटरों और उनके परिवारों को भी अपने साथ जोड़ने में सफल रही है।
अन्य प्रमुख खिलाड़ियों में कुश्ती की स्टार बबीता फोगाट, पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद (जो बाद में पार्टी छोड़ गए), चेतन चौहान (पूर्व क्रिकेटर और यूपी सरकार में मंत्री रहे), तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत, प्रसिद्ध फुटबॉलर कल्याण चौबे (जो पश्चिम बंगाल से चुनाव लड़ चुके हैं), और मुक्केबाजी के दिग्गज विजेंद्र सिंह भी बीजेपी का हिस्सा रह चुके हैं या वर्तमान में हैं। पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू भी एक समय बीजेपी में थे और सांसद भी रहे, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी का दामन छोड़ दिया था और कांग्रेस में शामिल हो गए थे। यह व्यापक सूची बीजेपी की उस रणनीति को रेखांकित करती है, जहां वह लोकप्रिय चेहरों का इस्तेमाल कर विभिन्न राज्यों और समुदायों में अपनी पकड़ मजबूत करती है।
बंगाल में पेस से उम्मीदें: युवा, शहरी और ऊपरी मध्य वर्ग पर नजर
लिएंडर पेस के बीजेपी में शामिल होने से पार्टी को सबसे ज्यादा फायदा पश्चिम बंगाल में मिलने की उम्मीद है। पेस का जन्म कोलकाता में हुआ है और उनका इस शहर और पूरे राज्य से गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उनकी एक विशाल और समर्पित फैन फॉलोइंग है, जो बीजेपी के लिए एक बड़े वोट बैंक को आकर्षित कर सकती है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में, जहां बीजेपी अपनी स्थिति को और मजबूत करने का प्रयास कर रही है, पेस का आना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम साबित हो सकता है।
यदि भविष्य में लिएंडर पेस को किसी चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाता है, तो इससे पार्टी को अपर-मिडिल क्लास और शहरी वोट बैंक पर सीधा असर डालने में मदद मिलेगी। पेस की छवि एक सफल, प्रतिष्ठित और शिक्षित खिलाड़ी की है, जो शहरी मतदाताओं को, विशेष रूप से ऐसे मतदाताओं को जो पारंपरिक राजनीति से दूर रहते हैं, अपनी ओर आकर्षित करने में सक्षम है। इसके साथ ही, एक अंतरराष्ट्रीय खेल आइकन के तौर पर पेस को पार्टी में लाने से युवाओं के बीच भी एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश जाएगा। खेल जगत से इतने बड़े नाम के बीजेपी में आने से युवा भी आकर्षित होंगे और खेल प्रेमियों के बीच भी पार्टी को लेकर एक अच्छी धारणा बनेगी।
युवाओं का वोट प्रतिशत बढ़ने से बीजेपी को सीधा फायदा मिल सकता है, खासकर ऐसे राज्य में जहां युवा मतदाताओं की संख्या निर्णायक भूमिका निभाती है। बीजेपी की यह रणनीति है कि वह ऐसे चेहरों को आगे लाए जो युवाओं और शहरी आबादी के बीच लोकप्रिय हों और उनके माध्यम से पार्टी अपने आधार को मजबूत कर सके। लिएंडर पेस का बीजेपी में जुड़ना इसी दिशा में एक बड़ा और परखा हुआ कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में खास बदलाव देखने को मिल सकते हैं और पार्टी अपनी चुनावी संभावनाओं को बल दे सकती है।