
Lok Sabha Speaker : 26 जून की सुबह 11 बजे लोकसभा स्पीकर के पद के लिए महत्वपूर्ण वोटिंग का आयोजन हुआ। इस चुनाव में एनडीए ने अपने उम्मीदवार के रूप में ओम बिरला को नामांकित किया था, जबकि विपक्ष ने कांग्रेस नेता के. सुरेश को अपने प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत किया। लोकसभा सत्र की शुरुआत से ही स्पीकर पद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
स्पीकर पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया
संसद में बुधवार को लोकसभा स्पीकर पद के लिए वोटिंग हुई। हालांकि, यह सिर्फ तीसरी बार था जब लोकसभा स्पीकर का चुनाव वोटिंग के माध्यम से हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी ने ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखा और ध्वनि मत से उन्हें विजयी घोषित किया गया। प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने इस ध्वनि मत की प्रक्रिया को पूरा किया।
हालांकि आम तौर पर, सहमति से ही लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव होता रहा है। दरअसल जिसकी सरकार होती है वह पार्टी अपनी पसंद का लोकसभा अध्यक्ष चुन लेती है और विपक्ष को डिप्टी स्पीकर का पद दे दिया जाता है। लेकिन, 2014 और 2019 की बात करें तो यह परंपरा टूट गई थी। जानकारी के अनुसार 2014 में भाजपा द्वारा अपने ही सहयोगी दल AIADMK के एम. थंबीदुरई को डिप्टी स्पीकर बनाया था। जबकि 2019 में यह पद खाली रहा था।
चुनाव की प्रक्रिया:
जानकारी के मुताबिक लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले उन नवनिर्वाचित सांसदों का नाम पुकारा जाएगा, जिन्होंने अभी तक शपथ नहीं ली है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखेंगे और सभी दलों से उन्हें निर्विरोध चुनने का आग्रह करेंगे।
यह बताया जा रहा है कि बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सबसे पहले उन नवनिर्वाचित सांसदों का नाम पुकारा जाएगा, जिन्होंने अब तक संसद सदस्यता की शपथ नहीं ली है. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में नए लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखेंगे और सभी दलों से उन्हें निर्विरोध सर्वसम्मति से चुनने का आग्रह करेंगे.
यदि विपक्ष की ओर से के. सुरेश का नाम प्रस्तावित नहीं किया जाता है, तो ओम बिरला निर्विरोध लोकसभा अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। लेकिन यदि विपक्ष अपने उम्मीदवार का नाम प्रस्तावित करता है, तो सदन में चुनाव कराया जाएगा। संभावना है कि यह मतदान पर्ची के माध्यम से होगा और शपथ ले चुके नवनिर्वाचित सांसद मतदान के जरिए यह तय करेंगे कि लोकसभा के नए स्पीकर कौन होंगे।
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