
दिल्ली एनसीआर में पीएनजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर से जुड़ी हुई सेवाओं पर निर्भर उपभोक्ता इन दिनों काफी परेशान है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक सभी के सामने गैस सिलेंडर और पीएनजी की कमी की परेशानी खड़ी हो गई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा निर्देशों के बाद कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के वितरण की प्रक्रिया बंद कर दी गई है जिसके चलते उपभोक्ता काफी परेशान हैं।
कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं जिसके चलते व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों के बीच इस बात की चिंता है कि वह किस तरह से अपना व्यवसाय चलाएंगे। नोएडा में करीब 4 लाख से ज्यादा पीएनजी कनेक्शन धारक है और लगभग 35000 से ज्यादा एमएसएमई सेक्टर की इकाइयां है जो इन दिनों परेशानी में है। उपभोक्ताओं के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए इन्हें दूसरे विकल्प तलाश में की सलाह दी जा रही है।
एलपीजी की कमी का खतरा
वैश्विक स्तर पर तनाव की स्थिति देखने को मिल रही है। अमेरिका और इसराइल लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं। ईरान भी दोनों को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। मिडिल ईस्ट की इस जंग के चलते एलपीजी की कमी का खतरा दिखाई दे रहा है। इस स्थिति को देखते हुए मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है और कमर्शियल उपयोग के लिए दिए जाने वाले सिलेंडर की आपूर्ति पर अस्थाई रूप से रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं।
आवश्यक सेवाओं को छूट
मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों का पालन करते हुए जिला पूर्ति अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को कमर्शियल सिलेंडर की रिफिलिंग और वितरण पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। जरूरी और आपातकालीन सेवा जैसे सरकारी संस्थान अस्पताल शैक्षणिक संस्थाओं और चुनिंदा आवश्यक सेवाओं को इसमें छूट दी गई है।
वहीं पीएनजी घरेलू रसोई और छोटे व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध है। लेकिन जहां इनका बड़े पैमाने पर उपयोग होता है, जैसे रेस्टोरेंट, होटल, रेस्टोरेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और कैटरिंग यूनिट इनके लिए यह उपलब्ध नहीं है जिसकी वजह से समस्या खड़ी हो गई है। हालत यह है कि गोदाम के बाहर लोगों की लाइन देखने को मिल रही है।
होटल रेस्टोरेंट का काम प्रभावित
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की वजह से दिल्ली के 50000 से ज्यादा होटल, रेस्टोरेंट और पब के संचालन में परेशानी देखने को मिल रही है। कुछ रेस्टोरेंट दूसरी जगह से कुकिंग गैस ले रहे हैं और कुछ ब्लैक में खरीदी करके अपना काम चला रहे हैं। कई जगह ऐसी है जहां पर खाने पीने की चीजों के दाम बढ़ा दिए गए हैं। हालांकि उम्मीद यही जताई जा रही है कि कुछ दिनों तक परेशानी रहने के बाद सप्लाई फिर से शुरू हो जाएगी।
औद्योगिक इकाइयों पर भी असर
केवल होटल और रेस्टोरेंट ही नहीं बल्कि औद्योगिक इकाइयां भी इस परेशानी से जूझ रही है। गैस की आपूर्ति न होने से कई जगह उत्पादन बंद हो गया है। पीएनजी की खपत कम करने की अपील भी की गई है। कुछ इकाइयों के उत्पादन पर गहरा असर पड़ रहा है और वह संकट में है।
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