LPG सिलेंडर किल्लत को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन, राहुल गांधी ने PM Modi पर किया हमला

कांग्रेस ने कहा देशभर में LPG की किल्लत से जनता परेशान है, लेकिन नरेंद्र मोदी जिम्मेदारी निभाने के समय फिर से गायब हैं।
Opposition MPs protested Parliament

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ईरान इजरायल युद्ध के बीच देश में LPG सिलेंडर की कमी की आशंका ने माहौल को पैनिक बना दिया है लोग सिलेंडर भरवाने के लिए लाइन में लग रहे हैं और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं। हालाँकि केंद्र सरकार ने कहा है कि किस को पैनिक होने की जरुरत नहीं है अभी कमी की स्थिति नहीं है लेकिन कांग्रेस इस गैस की कमी को लेकर आक्रोशित है, कांग्रेस के नेतृत्व में आज विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया, प्रदर्शन में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित कई बड़े नेता शामिल रहे।

विपक्षी सांसदों ने आज गुरुवार को गैस सिलेंडर की कमी को लेकर मकर द्वार पर प्रदर्शन किया, नरेंदर भी गायब – सिलेंडर भी गायब नारों के साथ सांसदों ने कहा LPG की किल्लत से पूरा देश परेशान है। नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के आगे सरेंडर कर पूरे देश को मुसीबत में डाल दिया है। हालात बहुत खराब हैं, लोग LPG के लिए लंबी लाइनों में लगे हैं। नरेंद्र मोदी ने जनता को उनके हाल पर तड़पने के लिए छोड़ दिया है।

कांग्रेस ने कहा देशभर में LPG की किल्लत से जनता परेशान है, लेकिन नरेंद्र मोदी जिम्मेदारी निभाने के समय फिर से गायब हैं। LPG संकट को देखते हुए मोदी सरकार को जनहित में तत्काल कदम उठाने होंगे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

खड़गे का आरोप संकट के समय मोदी गायब होते हैं 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- जब देश भारी संकट से जूझ रहा होता है तो प्रधानमंत्री मोदी चुनावी दौरों में मशगूल होते हैं। देशभर में LPG की भारी कमी है, और लोग कतारों में खड़े हैं। कितने सारे छोटे-बड़े उद्योग भाजपा की विफलता का ख़ामियाज़ा भुगतने पर मजबूर हैं। पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं। केवल झूठे दावे हैं। कूटनीति की विफलता गंभीर मुद्दा है और ऊर्जा प्रबंधन की नाकामी का नतीजा आज देश की 140 करोड़ जनता भुगत रही है।

राहुल गांधी बोले PM खुद घबराए हुए हैं 

राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री खुद बिल्कुल अलग कारणों से घबराए हुए हैं। वे अडानी मामले और एपस्टीन फाइलों की वजह से घबराए हुए हैं। वे सदन के अंदर नहीं आ पा रहे हैं। वे देश से कह रहे हैं कि घबराएं नहीं, जबकि वे खुद घबराए हुए हैं।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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