
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा है कि कल से पूरे देश में लागू होने जा रहे अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार स्वतंत्र भारत के सबसे बड़े और क्रांतिकारी कर सुधारों में से एक हैं। इन सुधारों से छोटे व्यापारियों को सशक्त करने, उपभोक्ताओं को बड़ी बचत दिलाने और देश की अर्थव्यवस्था को 10 ट्रिलियन डॉलर की ओर बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा पूरा लाभ
खंडेलवाल ने कहा कि कैट ने देशभर के व्यापारी संगठनों को निर्देश दिए हैं कि कीमतों में आई कमी का लाभ पूरी तरह से उपभोक्ताओं तक पहुंचना चाहिए। इससे ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा और बाजार में सकारात्मक माहौल बनेगा। यह कदम व्यापार के विस्तार में भी सहायक साबित होगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से “वन नेशन–वन टैक्स–वन सिम्प्लिसिटी” की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया गया है। अब टैक्स रिटर्न दाखिल करना और नियमों का पालन पहले से आसान और तेज होगा। तकनीक-आधारित व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
आर्थिक क्रांति के शिल्पकार मोदी
कैट का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे नए भारत की आर्थिक क्रांति के शिल्पकार हैं। 400 वस्तुओं पर कर कम करना और जीएसटी 2.0 सुधार लागू करना भारत की विकास यात्रा में मील का पत्थर है। इन सुधारों से लघु उद्योग, एमएसएमई, स्टार्टअप और छोटे दुकानदारों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। इससे आत्मनिर्भर भारत के विजन को और मजबूती मिलेगी। देशभर के व्यापारी इस बदलाव को आर्थिक स्वतंत्रता के पर्व के रूप में मना रहे हैं और इसे भारत के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी मान रहे हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था को नई ताकत
कैट ने कहा कि जीएसटी सुधार केवल टैक्स प्रणाली का बदलाव नहीं हैं, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के लिए ऐतिहासिक उपहार हैं। इससे व्यापार आसान होगा, कीमतें कम होंगी और अर्थव्यवस्था मजबूत बनेगी। संगठन का मानना है कि यह सुधार भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के रास्ते को और तेज़ करेगा। कारोबारी जगत का मानना है कि उपभोक्ता और व्यापारी दोनों के लिए यह कदम नई उम्मीद और नए अवसर लेकर आया है। मोदी सरकार का यह निर्णय देश की आर्थिक वृद्धि को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
