Hindi News

मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी पर बोला हमला, FCRA में संशोधन कर ईसाई संस्थाओं को निशाना बनाने का लगाया आरोप

Written by:Gaurav Sharma
Published:
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इडुक्की में एक जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि FCRA में प्रस्तावित बदलाव ईसाई संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों और सिविल सोसाइटी पर हमला हैं, न कि सुधार। खरगे ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को भी मोदी द्वारा नियंत्रित होने का दावा करते हुए निशाना साधा और स्थानीय लोगों के लिए कई वादे किए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी पर बोला हमला, FCRA में संशोधन कर ईसाई संस्थाओं को निशाना बनाने का लगाया आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को केरल के इडुक्की असेंबली सीट पर आयोजित यूडीएफ की एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार पब्लिक और सोशल वेलफेयर के फील्ड में सक्रिय ईसाई इंस्टीट्यूशन, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और सिविल सोसाइटी को निशाना बनाने के उद्देश्य से फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) में बदलाव की तैयारी कर रही है। खरगे का यह बयान केरल में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जहां कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

खरगे ने FCRA में प्रस्तावित संशोधनों को सीधे तौर पर बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी की “असली मंशा” बताया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:

“यह कोई रिफॉर्म नहीं, बल्कि ईसाई इंस्टीट्यूशन, NGOs और सिविल सोसाइटी पर सीधा हमला है।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि इन बदलावों के पीछे प्रधानमंत्री मोदी का मकसद ईसाई इंस्टीट्यूशन में भय का माहौल पैदा करना और उनके समाज सेवा के कार्यों को बाधित करना है। उनका कहना था कि ये संस्थाएं दशकों से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

गौरतलब है कि FCRA अमेंडमेंट बिल को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया था। सरकार के अनुसार, इस बिल का मुख्य मकसद विदेशी फंड के इस्तेमाल में अधिक ट्रांसपेरेंसी लाना और यह सुनिश्चित करना है कि इन फंडों का सही उपयोग हो। इसके साथ ही, बिल का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों के खिलाफ विदेशी फंड के गलत इस्तेमाल को रोकना भी है। हालांकि, मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार के इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वास्तविक इरादे कुछ और ही हैं और ये बदलाव लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करेंगे।

खरगे ने पिनाराई विजयन पर भी साधा निशाना

अपनी इडुक्की रैली में खरगे ने केवल केंद्र सरकार को ही नहीं, बल्कि केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजयन ‘इंडिपेंडेंट’ होकर काम नहीं कर रहे हैं और वे प्रधानमंत्री मोदी के रास्ते पर चल रहे हैं। खरगे ने यहां तक दावा किया कि पिनाराई विजयन को दिल्ली से प्रधानमंत्री मोदी ‘कंट्रोल’ कर रहे हैं, जिससे राज्य की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है और कांग्रेस-यूडीएफ गठबंधन एलडीएफ सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।

खरगे ने इडुक्की क्षेत्र के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जो वहां के निवासियों को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं। उन्होंने बताया कि इस इलाके में हजारों परिवार कई पीढ़ियों से जिस जमीन पर निवास कर रहे हैं, दुखद है कि उनके पास आज भी उस जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) नहीं है। यह स्थिति परिवारों को असुरक्षा और कानूनी चुनौतियों का सामना करने पर मजबूर करती है। कांग्रेस अध्यक्ष ने वादा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर भूमि संबंधी कानूनों को आसान बनाएगी और हर उस परिवार को उनका पट्टा दिलाएगी जो इसका हकदार है, जिससे उन्हें अपनी जमीन पर कानूनी अधिकार मिल सके।

किसानों की गंभीर समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए, खरगे ने कहा कि इडुक्की के किसान हाथी और जंगली सूअर के बढ़ते हमलों के कारण लगातार डर और अनिश्चितता के माहौल में जी रहे हैं। ये हमले न केवल उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि उनकी जान-माल को भी खतरा पहुंचा रहे हैं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि कांग्रेस सरकार इस समस्या से निपटने के लिए उचित सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगी, जंगली जानवरों के हमलों पर जल्दी जवाब देगी और प्रभावित किसानों को समय पर और सही मुआवजा प्रदान करेगी, ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रह सके।

खरगे ने स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को बताया बड़ी चुनौती

स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को एक बड़ी चुनौती बताते हुए, खरगे ने कहा कि इडुक्की के लोगों को बेहतर इलाज के लिए अक्सर दूरदराज के शहरों में जाना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी इंगित किया कि क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद, बेसिक सुविधाओं की कमी के कारण यह पूरी तरह विकसित नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने वादा किया कि उनकी सरकार अस्पतालों को अपग्रेड करेगी और पर्यटन को इस तरह से विकसित करेगी जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हों, और उन्हें इसका सीधा फायदा मिले। उन्होंने घोषणा की कि यह चुनाव मजदूरों, किसानों और विशेष रूप से पीरमाडे के परिवारों के लिए न्याय दिलाने के बारे में है।

कांग्रेस ने केरल में कई कल्याणकारी योजनाओं का किया वादा

कांग्रेस ने केरल के मतदाताओं को लुभाने के लिए कई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं का वादा किया है। पार्टी ने वेलफेयर पेंशन की राशि को मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 3000 रुपए करने का ऐलान किया है, जिससे लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नाम पर 25 लाख रुपए की एक व्यापक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम शुरू करने का भी वादा किया गया है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाना है।

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए, कांग्रेस ने KSRTC (केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन) बसों में उनके लिए मुफ्त सफर की सुविधा देने की बात कही है, जिससे उनकी आवाजाही आसान होगी और आर्थिक बोझ कम होगा। कॉलेज जाने वाली लड़कियों को हर महीने 1000 रुपए की वित्तीय मदद देने का भी आश्वासन दिया गया है, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, युवा एंटरप्रेन्योर्स को 5 लाख रुपए का इंटरेस्ट-फ्री लोन प्रदान करने का प्रस्ताव है, जिससे वे अपने व्यवसाय शुरू कर सकें। वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए एक खास मिनिस्ट्री (मंत्रालय) का गठन करने का भी वादा किया गया है।

कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए, कांग्रेस ने रबर के लिए 300 रुपए का बेस प्राइस (आधार मूल्य) तय करने का वादा किया है, जिससे रबर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और वे आर्थिक रूप से स्थिर हो सकें। मल्लिकार्जुन खरगे ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस राज्य की इकॉनमी को फिर से खड़ा करने और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पार्टी युवाओं, स्टार्टअप्स और एंटरप्रेन्योर्स को हर संभव सपोर्ट देने की योजना बना रही है, ताकि राज्य में ट्रांसपेरेंसी और करप्शन-फ्री गवर्नेंस सुनिश्चित हो सके और एक मजबूत, प्रगतिशील केरल का निर्माण किया जा सके।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews