खड़गे ने राज्यसभा में उठाया LPG किल्लत का मुद्दा, बोले- जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित करती है

खड़गे ने कहा मेरी माँग है कि सरकार इस विषय में तत्काल कड़े कदम उठाए और जनता समेत सभी छोटे व्यापारियों को किफायती दामों पर सिलेंडर उपलब्ध कराए।
Mallikarjun Kharge

Mallikarjun Kharge

ईरान इजरायल अमेरिका के बीच चल रहे युद्द ने पूरी दुनिया को कई तरह की मुसीबत में डाल दिया है भारत में इस युद्ध के चलते जनता LPG की  किल्लत का सामना कर रही है हालाँकि केंद्र सरकार ने किल्लत से साफ़ इंकार किया है लेकिन देश में दिखाई दे रही लम्बी लम्बी लाइने परेशानी दिखा रही हैं, इसी बात को आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में उठाया।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा-  मैं इस सदन का ध्यान पश्चिम एशिया में जारी टकराव के कारण देश में LPG संकट की ओर दिलाना चाहता हूँ। LPG संकट से पूरे देश में इससे हाहाकार मचा हुआ है। इसका असर गरीब और कमजोर तबकों, मध्यम वर्ग,, आम घरों, रेस्टोरेंट, होटल  तथा कमर्शियल यूजर्स पर बहुत बुरा पड़ रहा है।

भारत अपनी कुल LPG जरूरतों का करीब करीब 60% import करता है। इसमें भी 90% imports Strait of Hormuz के रास्ते होता है। इस लिहाज से मौजूदा हालात घरेलु उपलब्धता और कीमतों की स्थिरता दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।

देश के करीब हर हिस्सों में इसका असर पड़ रहा है। घरों में लोग परेशान हैं। छोटे-छोटे ढाबे वाले, रेस्टोरेंट, होटल  सब पर असर है। कम्यूनिटी किचिन से लेकर राम रसोई तक बंद है। घर ही नहीं MSMEs और दूसरे commercial users को LPG सिलेंडर मिलने में भारी दिक्कतें हैं। ये चिंता की बात है कि कई  प्रतिष्ठानों ने अपने ऑपरेशन सीमित या बंद कर दिए हैं। कुछ ऊंचे दामों पर ₹5,000 प्रति cylinder से अधिक कीमत पर खरीद रहे हैं।

सरकार ने पहले से तैयारी क्यों नहीं की 

हमारे पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है। अफवाहों से सावधान रहने की बात कही। लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित करती है।  जब सरकार भारतीय नागरिकों को ईरान में एडवाइजरी  जारी कर रही थी कि स्थिति बिगड़ सकती है, तो उसे ये साफ करना चाहिए था कि इसका असर critical maritime routes और energy supplies पर भी पड़ सकता है। उस लिहाज से हमें तैयारी करनी थी।

सरकार ने कड़े कदम क्यों नहीं उठाये 

देश में सिलेंडर बुकिंग का वेटिंग पीरियेड भी बढ़ा दिया गया, जिसमें शहरों में 25 दिन और गांवों/रिमोट एरिया में 45 दिन हो गया। इस कारण पैनिक बुकिंग शुरू हो गई और जमाखोरी की संभावना बढ़ गई है। अगर सरकार को पता था कि देश में LPG संकट बढ़ेगा तो सरकार ने कड़े कदम क्यों नहीं उठाए, लोगों को विश्वास में क्यों नहीं लिया। यह संकट सरकार के दयनीय मैनेजमेंट और खराब विदेश नीति की पोल खोलता है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews