
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जीएसटी सुधारों का श्रेय लेते हुए कहा कि मेडिक्लेम पर जीएसटी हटाने की मांग उन्होंने उठाई थी, न कि केंद्र सरकार ने। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के कारण पश्चिम बंगाल को 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा, लेकिन आम लोगों के हित में वे इसे स्वीकार करने को तैयार हैं। ममता ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने इस राहत के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं किया और सारा खर्च राज्य के खजाने से वहन किया जा रहा है।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जीएसटी सुधारों का श्रेय ले रही है, जबकि वास्तव में यह उनकी मांग का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उन्होंने केंद्र को पत्र लिखकर मेडिकल इंश्योरेंस और जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा, “केंद्र ने इस पर एक भी पैसा नहीं दिया, सारा बोझ राज्य पर है।”
राज्यों को नुकसान की भरपाई
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बंगाल या अन्य राज्यों को इस नुकसान की भरपाई के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से मनरेगा और अन्य केंद्रीय योजनाओं के लिए भी बंगाल को कोई धनराशि नहीं मिल रही है। ममता ने दावा किया कि केंद्र डबल इंजन वाले राज्यों को अप्रत्यक्ष रूप से मुआवजा दे रहा है, जबकि बंगाल को वंचित रखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आम लोगों के हित में काम कर रही है और जीएसटी राहत जैसे कदमों से जनता को लाभ होगा।
