Hindi News

केरल का नाम ‘केरलम’ करने की मंजूरी पर भड़कीं ममता बनर्जी, केंद्र पर बंगाल से भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूछा सवाल

Written by:Rishabh Namdev
Published:
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार द्वारा केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्र पर बंगाल के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सत्ता बदलेगी, तब वह राज्य का नाम 'बांग्ला' जरूर करवाएंगी।
केरल का नाम ‘केरलम’ करने की मंजूरी पर भड़कीं ममता बनर्जी, केंद्र पर बंगाल से भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूछा सवाल

केंद्र सरकार ने मंगलवार (24 फरवरी 2026) को केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद पश्चिम बंगाल में सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फैसले को लेकर केंद्र पर तीखा हमला बोला है और बंगाल के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बंगाल विधानसभा ने दो बार राज्य का नाम ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव पारित किया, लेकिन केंद्र ने उसे आज तक मंजूरी नहीं दी।

ममता बनर्जी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह बीजेपी का बंगाल विरोधी रवैया दिखाता है। उन्होंने कहा, ‘एक दिन केंद्र में सत्ता जरूर बदलेगी और हम पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ करवाएंगे।’

‘W’ से नाम शुरू होने का नुकसान

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ‘West Bengal’ नाम होने की वजह से राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी वर्णमाला में ‘W’ आखिर में आने के कारण किसी भी राष्ट्रीय बैठक या कार्यक्रम में बंगाल के प्रतिनिधियों को बोलने का मौका सबसे अंत में मिलता है। इससे राज्य के छात्रों को भी साक्षात्कार जैसी प्रक्रियाओं में नुकसान होता है।

“बीजेपी बंगालियों की भावनाओं का सम्मान नहीं करती, वे केवल चुनाव के समय ‘बांग्ला’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं। केरल में बीजेपी और CPIM के बढ़ते गठबंधन के कारण वहां नाम बदलना आसान हो गया। एक दिन सत्ता बदलेगी और हम पश्चिम बंगाल का नाम जरूर बदलवाएंगे।” — ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

सालों से लंबित है बंगाल का प्रस्ताव

तृणमूल कांग्रेस (TMC) 2011 में सत्ता में आने के बाद से ही राज्य का नाम बदलने की मांग कर रही है। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने जुलाई 2018 में सर्वसम्मति से राज्य का नाम ‘बांग्ला’ करने का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा था। इससे पहले भी सरकार ने ‘बोंगो’ या ‘बांग्ला’ नाम सुझाया था। टीएमसी सांसदों ने इस मुद्दे को कई बार संसद में भी उठाया है। पिछले महीने ही टीएमसी सांसद रीताब्रत बनर्जी ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मांग को दोहराते हुए कहा था कि ‘बांग्ला’ नाम राज्य के इतिहास और संस्कृति को दर्शाता है। सीएम ममता बनर्जी इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिख चुकी हैं, लेकिन प्रस्ताव अब भी लंबित है।

केरल के प्रस्ताव को मिली हरी झंडी

दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में केरल का नाम ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ को संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत विचार के लिए केरल विधानसभा को भेजेंगी। गौरतलब है कि केरल विधानसभा ने 24 जून, 2024 को ही राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया था, जिसे केंद्र ने अपेक्षाकृत काफी कम समय में स्वीकार कर लिया। इसी बात को लेकर ममता बनर्जी ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया है।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !
Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
Follow Us :GoogleNews