
नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। आम आदमी पार्टी को हमेशा ही दिल्ली के सरकारी स्कूलों को कायाकल्प करने की उपलब्धि को गिनाते हुए देखा जाता है। इन्हीं स्कूलों को बनाने में भ्रष्टाचार किए जाने की बात पर सियासी मतभेद छिड़ा हुआ है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish sisodia) ने इस पर पलटवार करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि भाजपा (BJP) दिल्ली के सरकारी स्कूलों को बंद करना चाहती है और अपने राज में 72 हजार से ज्यादा स्कूल बंद भी करवा चुकी है।
सिसोदिया ने कहा कि 2014 से देश में बीजेपी की सरकार है और हजारों सरकारी स्कूल बंद करके प्राइवेट स्कूल खोले गए हैं। 2015 से 2021 का आंकड़ा अगर देखा जाए तो 72 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। जिनमें 26000 उत्तर प्रदेश के और 22000 मध्य प्रदेश के हैं। वही 11 हजार से ज्यादा प्राइवेट स्कूल खोले गए हैं जिनका संचालन भाजपा नेता करते हैं।
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दिल्ली में शिक्षा विभाग का जिम्मा मनीष सिसोदिया ही संभालते हैं। उन्होंने कहा कि जब भाजपा को शराब मामले में कुछ नहीं मिला तो उन्होंने शिक्षा में भ्रष्टाचार किए जाने का मामला उठा लिया। केंद्र सरकार ये चाहती है कि दिल्ली के सरकारी स्कूल बंद हो जाए इसलिए वह फर्जी FIR करवा रही है। शराब घोटाले में कोई गड़बड़ी मालूम नहीं हुई तो स्कूल बनाने में गड़बड़ी की बात कर रहे हैं। मेरे यहां रेड डाले 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह इस बात की जानकारी नहीं दे सके हैं कि वहां क्या मिला है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बीजेपी जितनी भी बातें कर रही है वह सारी झूठी है, दिल्ली के सारे स्कूल बहुत ही अच्छे हैं। बीजेपी को स्कूल के भ्रष्टाचार में कोई दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वह तो यह चाहती है कि स्कूल बंद हो जाए। ये अनपढ़ गंवार की पार्टी है जो चाहती है कि देश भी अनपढ़ गंवार रहे। वह यह कहते भी दिखाई दिए कि CBI और ED सब कुछ बहाना है, वह किसी भी रेड से नहीं डरते। 4 साल पहले भी भाजपा ने रेड डलवाई थी लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी सिर्फ रेड डालना जानती है और हम स्कूल बनाना जानते है।
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