मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से माफी मांगी, CSAM और डीपफेक कंटेंट पर गलती मानी

मार्क जुकरबर्ग ने चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल, डीपफेक कंटेंट और अन्य गलतियों पर सरकार से माफी मांगी है। संसदीय समिति ने तीन दिनों का अल्टीमेट दिया गया था। 
Mark Zuckerberg

बुधवार को मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल, डीपफेक कंटेंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संचालन में गलतियों को लेकर भारत सरकार से माफी मांगी है। आईटी मिनिस्ट्री के साथ मेटा ग्लोबल टीम की दो दिवसीय बैठक 5 अगस्त से शुरू हुई है।

इस बैठक दौरान सरकार ने कंपनी को स्पष्ट कर दिया कि वे “मध्यस्थ” की परिभाषा के अंतर्गत नहीं आते। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तय करते हैं कि कैसे कंटेंट को रिसीव करते हैं और सेफ हार्बर के तहत आईटी एक्ट इस पर लागू नहीं होता।

मेटा ग्लोबल टीम के साथ आईटीआई मिनिस्ट्री की बैठक 

बुधवार को मुख्य वैश्विक मामलों के अधिकारी जोएल कपलान  के साथ आईटीआई मंत्रालय की मीटिंग 45 मिनट चली। इस दौरान कंटेंट मॉडरेशन की विफलताओं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो को अस्थाई रूप से हटाने और भारतीय कानून के अनुपालन पर चर्चा भी की गई। इस दौरान मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो को गलती से हटाने के पीछे के कारण को स्पष्ट किया।

सेफ हार्बर वापस लेने की चेतावनी 

संसदीय समिति के प्रमुख भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और गृह मंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि, “प्रधानमंत्री की वीडियो को हटाना किसी थर्ड की नहीं बल्कि प्रकाशक की जिम्मेदारी है। समिति ने 3 दिनों के भीतर मार्क ज़ुकरबर्ग को माफी मांगने का निर्देश दिया था। ऐसा न करने पर “सेफ हार्बर” सुरक्षा वापस लेनी की चेतावनी भी दी थी।

पीएम मोदी का वीडियो मेटा ने हटाया था

23 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट यूजी परीक्षा में अनियमितताओं और कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में 36 दिनों तक चल रहे आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GenZ को संबोधित करते हुए सेल्फी वीडियो साझा किया था। जिसे मेटा ने कुछ समय के लिए फेसबुक से हटा दिया था। हालांकि बाद में इसे बहाल कर दिया गया। 28 जुलाई को तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर मेटा ने माफी भी मांगी थी। 

Manisha Kumari Pandey
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