संसद में मोदी की दहाड़, विपक्ष को दी पछाड़, देखें मोदी के उद्बोधन के महत्वपूर्ण अंश हमारे साथ

संसद में मोदी की दहाड़, विपक्ष को दी पछाड़, देखें मोदी के उद्बोधन के महत्वपूर्ण अंश हमारे साथ

PM Modi address in Lok Sabha : पीएम नरेंद्र मोदी ने आज अपने लोकसभा में दिए उद्बोधन से कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष पर जमकर निशान साधा। मोदी ने एक-एक कर विपक्ष के हर सवाल का जवाब देना शुरू किया। लेकिन जैसे ही मोदी ने मणिपुर पर बोलना शुरू किया, कहा जाए इसके लिए यह विश्वास प्रस्ताव विपक्ष द्वारा लाया गया थ, वैसे ही पूरे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट करना प्रारंभ कर दिया। मोदी ने जहां एक ओर सरकार की 9 साल के विकास और उपलब्धियां के बारे में जानकारियां दी वहीं दूसरी ओर परत दर परत विपक्ष के सवालों के जवाब भी दिए। पीएम नरेंद्र मोदी के उद्बोधन के महत्वपूर्ण अंश इस खबर में पढ़े और देखें हमारे साथ।

21वी सदी का यह कालखंड आने वाले 1000 साल की नीव रखेगा

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पीएम मोदी ने अपने उद्बोधन में विपक्ष समेत पूरे देशवासियों को बताया कि “140 करोड़ देशवासियों की शक्ति, पराक्रम और पुरुषार्थ आने वाले 1000 साल पर प्रभाव डालेगा, 21 वी सदी का यह कालखंड आने वाले हजार साल की नींव रखेगा, और इसलिए इस कालखंड में हम सब का केवल एक ही फोकस होना चाहिए देश का विकास साथ ही हमारा दायित्व है कि हम संकल्प को सिद्धि तक ले जाएं।

विपक्ष के सीक्रेट कोड पर मोदी का पक्का विश्वास

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पीएम मोदी ने अपने अभिभाषण में विपक्ष के सीक्रेट कोड पर उनके पक्के विश्वास के बारे में भी बताया। खुद का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा यह जिसका बुरा चाहते हैं उसका भला ही होता है, पिछले 20 साल से इसका सबसे अच्छा उदाहरण मैं खुद हूं।

विपक्ष की एप्रोच शुतुरमुर्ग एप्रोच 

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विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए मोदी ने बताया कि अविश्वास और घमंड विपक्ष की रगों में रच बस गया है, अपनी शुतुरमुर्ग एप्रोच के कारण यह जनता के विश्वास को देख ही नहीं पाते हैं।

विपक्ष का गठबंधन इंडिया नहीं घमंडिया  

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पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के गठबंधन इंडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन इंडिया नहीं गठबंधन घमंडिया है। इस गठबंधन हर कोई प्रधानमंत्री बनना चाहता है बिल्कुल उसे बारात जैसे जिसमें हर कोई दूल्हा बनना चाहता है।

कांग्रेस के परिवारवाद पर जमकर बरसे मोदी

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पीएम मोदी ने संसद में कांग्रेस को परिवारवाद पर जमकर घेरा। मोदी ने कहा कांग्रेस को परिवारवाद और दरबारवाद दोनों पसंद है। जो इन के दरबार में दरबारी नहीं बनते उनका कोई भविष्य नहीं होता है। यहां बड़े पदों पर इनके परिवार के बेटा और बेटी ही काबिज़ होते हैं।

विपक्ष के वॉकआउट पर बोले मोदी

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जैसे ही पीएम मोदी ने मणिपुर पर बोलना शुरू किया विपक्ष ने संसद से वर्क आउट करना शुरू कर दिया। विपक्षी दलों को वर्कआउट करते हुए देखा पीएम मोदी ने निशाना चाहते हुए कहा जिनका लोकतंत्र में भरोसा नहीं होता वह सुनने को तैयार होते हैं लेकिन उनमें सुनने का धैर्य नहीं होता है।

मणिपुर में शांति का सूरज जल उगेगा

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मणिपुर पर बोलते हुए पीएम मोदी ने बताया मणिपुर में पक्ष और विपक्ष के बीच जो परिस्थितियां अदालत के फैसले के बाद बनी उसके बाद हिंसा का दौर शुरू हो गया जिसकी वजह से वहां यह भयावह स्थितियां उत्पन्न हुईं। वहां जो महिलाओं के साथ हुआ वह अक्षम्य है, दोषियों को सजा जरूर मिलेगी। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं निकट भविष्य में मणिपुर में शांति का सूरज जरूर खेलेगा मणिपुर फिर एक बार नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा। पीएम मोदी ने मणिपुर के लोगों से भी शांति बनाए रखने की प्रार्थना की और कहा पूरा देश आपके साथ है जल्द ही इस चुनौती का समाधान निकलेगा।

आपको बता दें पिछले 9 साल में मोदी सरकार के खिलाफ यह दूसरी बार है जब अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है और पहली बार की तरह ही इस बार भी यह विश्वास प्रस्ताव ख़ारिज हो गया।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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