नई दिल्ली: केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली बैठक नए पीएमओ ‘सेवा तीर्थ’ में आयोजित की गई। इस बैठक में देश के विकास और किसान कल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिसमें केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी देना एक बड़ा कदम है। इसके साथ ही, श्रीनगर में एक नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल के निर्माण और कच्चे जूट के एमएसपी में बढ़ोतरी पर भी मुहर लगाई गई।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने लिखा कि इस बैठक में ‘सेवा संकल्प’ का प्रस्ताव पारित हुआ है।
“आज युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, फाल्गुन शुक्ल अष्टमी के दिन नवनिर्मित सेवा तीर्थ में केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक हुई… कैबिनेट ने ये संकल्प भी लिया कि स्वदेशी सोच, आधुनिक स्वरूप और 140 करोड़ देशवासियों के अनंत सामर्थ्य की बुनियाद पर बना सेवा तीर्थ राष्ट्रसेवा के कर्तव्य-यज्ञ को निरंतर आगे बढ़ाएगा।”- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
किसान और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला लेते हुए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि एमएसपी लागत से कम से कम 50% अधिक हो।
इसके अलावा, पावर सेक्टर में बड़े सुधारों को भी मंजूरी दी गई। वैष्णव ने कहा, “पिछले कुछ सालों में ग्रिड में किए गए निवेश की वजह से भारत का ग्रिड दुनिया भर में सबसे मज़बूत ग्रिड माना जाता है।”
कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी गई। इनमें प्रमुख हैं:
- श्रीनगर एयरपोर्ट: श्रीनगर में एक नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग को मंजूरी दी गई है। मौजूदा 20 हजार स्क्वायर मीटर के टर्मिनल की जगह अब लगभग 71 हजार स्क्वायर मीटर का नया टर्मिनल बनाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट अगले 4 सालों में पूरा होगा।
- रेलवे लाइन: गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाइन को डबल करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिली है। साथ ही, झारखंड में घमरिया से चांडिल तक तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।
- मेट्रो विस्तार: अहमदाबाद मेट्रो के विस्तार की योजना पर भी कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है।
पुनारख-किउल तीसरी और चौथी लाइन का प्रोजेक्ट तीन साल का है, जिसमें 14 जरूरी पुल, 18 बड़े पुल और 62 छोटे पुलों का निर्माण शामिल होगा। इन फैसलों से देश के विभिन्न हिस्सों में कनेक्टिविटी और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
आज युगाब्द 5127, विक्रम संवत 2082, फाल्गुन शुक्ल अष्टमी के दिन नवनिर्मित सेवा तीर्थ में केंद्रीय कैबिनेट की प्रथम बैठक हुई। इसमें देश के लिए कई अभूतपूर्व निर्णय लिए गए।
इस दौरान, कैबिनेट ने ये संकल्प भी लिया कि स्वदेशी सोच, आधुनिक स्वरूप और 140 करोड़ देशवासियों के अनंत सामर्थ्य…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 24, 2026





