
Modi Government 3.0 /Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद वोटिंग को लेकर तैयारियां जोरों पर है, 19 अप्रैल को देश के कई राज्यों में पहले चरण का चुनाव होगा और आखिरी चुनाव 1 जून को होंगे।इसके बाद 4 जून को नतीजों के आते ही तय हो जाएगा कि केंद्र में इस बार फिर किसकी सरकार बनेगी। हालांकि, बीजेपी और मोदी सरकार 400 पार के नारे के साथ अपनी जीत का दावा कर रही है।
इतना ही नहीं शुक्रवार को राजस्थान के चुरू में रैली के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि ये तो एक ट्रेलर है और असली पिक्चर तीसरे टर्म में शुरू होगी। खुद पीएम नरेन्द्र मोदी लगातार दावा रहे हैं कि उन्हें तीसरा कार्यकाल मिलना निश्चित है। इन्हीं संकेतों के आधार पर केंद्र की मोदी सरकार ने अपने अगले कार्यकाल की रूपरेखा बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। अगर भाजपा जीतती है और फिर नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनते है तो पेंशन, मंत्रालय की संख्या में कमी समेत 10 बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
पेंशन बढ़ेगी, घटेगी मंत्रालय की संख्या समेत इन 10 बिन्दु पर फोकस
- टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अगर नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते है तो उनका बुजुर्गों के पेंशन का दायरा बढ़ाने, मंत्रालयों की संख्या में कटौती, भारतीय मिशन की संख्या में वृद्धि, ई-वाहनों की बिक्री बढ़ाने समेत 10 बातों पर विशेष फोकस रहेगा।
- इस महीने कैबिनेट सचिव द्वारा बुलाई गई बैठकों के दौरान चर्चा किए जाने वाले एक ड्राफ्ट में 2030 तक पेंशन लाभ के साथ वरिष्ठ नागरिकों की हिस्सेदारी को 22% से दोगुना कर 50% करने का लक्ष्य रखा गया है।
- कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी 37% से बढ़ाकर 50% और ई-वाहनों की हिस्सेदारी में 7% से बढ़ाकर 30% से अधिक करने का लक्ष्य है।कार्ययोजना के अनुसार अगले छह वर्षों में भारतीय मिशनों की संख्या को 20% बढ़ाकर 150 करना, बुनियादी ढांचे में अधिक निजी निवेश और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए एक तंत्र विकसित करना शामिल है।
- वर्तमान में 54 मंत्रालयों की संख्या में कमी पर विचार, बुनियादी ढांचे में अधिक निजी निवेश और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए एक तंत्र विकसित करना, 2030 तक अदालतों में लंबित मामलों को 5 करोड़ से घटाकर 1 करोड़ से कम करना,निचली न्यायिक प्रणाली में मामलों के निपटान के समय को 2,184 दिनों से घटाकर 1,000 दिन करने पर विचार।
- अगले छह वर्षों में न्यायपालिका में रिक्तियों को 22% से घटाकर 10% करने की योजना
रक्षा बजट की हिस्सेदारी को 2% से बढ़ाकर 3% करने पर भी चर्चा, 2030 तक औद्योगिक क्षेत्र का जीडीपी में योगदान को 28% से बढ़ाकर 32.5% करने का लक्ष्य रखा गया है। - जीडीपी के 2.4% से 3% तक रक्षा खर्च बढ़ाने और अनुसंधान एवं विकास के लिए रक्षा बजट की हिस्सेदारी को 2% से बढ़ाकर 3% करने पर भी चर्चा चल रही है। 2030 तक औद्योगिक क्षेत्र का जीडीपी में योगदान को 28% से बढ़ाकर 32.5% करने का लक्ष्य है।
- ऑटोमोबाइल, कपड़ा, फार्मा, पर्यटन और सेवाओं जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने और विनिर्माण और निर्यात में हिस्सेदारी बढ़ाने पर केंद्रित हैं। 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद में औद्योगिक क्षेत्र के योगदान को 28% से बढ़ाकर 32.5% करने का लक्ष्य है। हालांकि इनमें से कई मुद्दों पर पहले भी चर्चा की गई है।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

