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छठ पूजा और दीपावली के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, बढ़ेगी जनरल कोच की संख्या, स्पेशल ट्रेन भी चलेंगी

Written by:Atul Saxena
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से कहा गया है कि इस त्योहारी सीजन में 108 ट्रेनों में जनरल कोच बढ़ाए जा रहे हैं। छठ पूजा और दिवाली स्पेशल ट्रेनों के लिए 12,500 कोच मंजूर किए गए हैं।
छठ पूजा और दीपावली के लिए मोदी सरकार का बड़ा फैसला, बढ़ेगी जनरल कोच की संख्या, स्पेशल ट्रेन भी चलेंगी

Chhath Puja and Diwali special train : छठ पूजा और दीपावली की देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला किया है, सरकार इस दौरान 108 ट्रेनों में जनरल कोच बढ़ाने जा रही है इसके अलावा बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेन चलाने का भी फैसला हुआ है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से आई ये जानकारी  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की तरफ से कहा गया है कि इस त्योहारी सीजन में 108 ट्रेनों में जनरल कोच बढ़ाए जा रहे हैं। छठ पूजा और दिवाली स्पेशल ट्रेनों के लिए 12,500 कोच मंजूर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2024-25 में आज तक कुल 5,975 ट्रेनें नोटिफाई की गई हैं। इससे 1 करोड़ से अधिक यात्रियों को पूजा की भीड़ के दौरान घर जाने की सुविधा मिलेगी जबकि 2023-24 में त्योहारी सीजन के दौरान कुल 4,429 विशेष ट्रेनें चलीं थीं।

छठ पूजा और दीपावली देश के दो बड़े त्यौहार  

छठ पूजा और दीपावली भारत में मनाये जाने वाले दो बड़े त्यौहार हैं दीपावली जहाँ पूरे देश में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है जबकि छठ पूजा का बिहार झारखंड सहित अन्य पड़ोसी राज्यों में बहुत महत्व हैं, छठ का व्रत रखने वाले लोग तो इसे उनका सबसे बड़ा पर्व मानते है और उसी हिसाब से तैयारी करते हैं।

जनरल कोच बढ़ने और स्पेशल ट्रेन चलने से यात्रियों को होगा लाभ 

दोनों ही त्योहारों में लाखों की संख्या में यात्री ट्रेनों का उपयोग करते हैं, बिहार झारखंड की तरफ जाने वाली ट्रेन कई महीने पहले से ही नो रूम दिखाने लगती हैं, ऐसा ही हाल दीवाली के समय भी होता है,  ऐसे में कोच की संख्या बढ़ाने और स्पेशल ट्रेन चलाने का मोदी सरकार का फैसला एक अच्छा कदम है इससे यात्रियों को बहुत सुविधा मिलेगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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