उत्तर भारत में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर भड़के सांसद पप्पू यादव, कहा- ‘सरकार को नाम बदलने से फुर्सत नहीं’

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा और प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली-NCR में विजिबिलिटी कम होने से यातायात और उड़ानों पर बुरा असर पड़ा है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए कई सख्त कदम भी उठाए हैं। इस बीच, शनिवार को उत्तर भारत में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का बयान सामने आया है।
pappu yadav on North India pollution

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा और प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली-NCR में विजिबिलिटी कम होने से यातायात और उड़ानों पर बुरा असर पड़ा है। यूपी, बिहार, दिल्ली समेत कई राज्यों में शीतलहर का प्रकोप देखा जा रहा है। वहीं दिल्ली के कई हिस्सों में शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही और राष्ट्रीय राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 384 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी के काफी करीब है।

उत्तर भारत में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर सांसद पप्पू यादव का बयान

उत्तर भारत में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत सरकार ने इस पर कोई बजट ही नहीं दिया, न इस पर कोई कैबिनेट बुलाई। सरकार को नाम बदलने, नफरत फैलाने, झूठ फैलाने, अपशब्द कहने से फुर्सत नहीं है। आम आदमी के जीवन के साथ इनका कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा कि नेताओं और सिस्टम ने कोरोना काल, जो इतनी बड़ी मानव निर्मित आपदा थी, उसे और अधिक क्रूर बनाया है। लोकसभा और विधानसभा में कभी भी आम व्यक्ति की चर्चा नहीं होती। देश की 85 करोड़ आबादी केवल 5 किलो अनाज पर जी रही है और 20 करोड़ लोगों के पास तो अपना घर तक नहीं है।

पप्पू यादव ने आगे कहा कि सदन में जाने वाले कई नेताओं के घर ही एयर कंडीशनर हैं तो वे प्रदूषण कहां से ठीक करेंगे? एक तरफ आप जहर पैदा कर रहे हैं और दूसरी तरफ आप प्रदूषण ठीक करने की बात कर रहे हैं। सरकार की इस ओर कोई नीति नहीं है।

उत्तर भारत के कई राज्यों की हवा खराब

बता दें कि दिल्ली-NCR के साथ उत्तर भारत के कई राज्यों की हवा जहरीली हो गई है। धुंध और हवा की क्वालिटी बेहद खराब होने से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही है। हालात यह है कि लोगों को बाहर निकलते समय मास्क पहनना पड़ रहा है। वायु प्रदूषण सबसे अधिक एनसीआर में आने वाले यूपी के जिले गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़ और मेरठ चपेट में हैं।

Shyam Dwivedi
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