
PM Kisan Yojana
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपना 75वां जन्मदिन मनाया, जो उनकी राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। गुजरात के वडनगर में साधारण पृष्ठभूमि से शुरूआत कर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की उनकी कहानी केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक व्यक्तित्व का निर्माण है। ‘ब्रांड मोदी’ विचारधारा, करिश्मा, प्रशासनिक कौशल और जनमानस की गहरी समझ का मिश्रण है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में उनकी शुरुआत, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल और 2014 के चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर उनकी छवि ने उन्हें वैश्विक रूप से पहचाने जाने वाले नेता में बदल दिया।
मोदी की राजनीतिक यात्रा RSS से शुरू हुई, जहां उन्होंने अनुशासन, सादगी और वैचारिक प्रतिबद्धता सीखी। RSS के साथ बिताए वर्षों ने उनके नेतृत्व शैली को आकार दिया, जिसमें राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भरता पर जोर था। 1980 के दशक में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने पर्दे के पीछे से रणनीतिक और संगठनात्मक भूमिकाएं निभाईं। राम जन्मभूमि आंदोलन और लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा जैसे अभियानों में उनकी भूमिका ने उन्हें जन-जुड़ाव और वैचारिक संदेश को मतदाताओं तक पहुंचाने में निपुण बनाया।
‘वाइब्रेंट गुजरात’ जैसे कार्यक्रम
2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी ने ‘वाइब्रेंट गुजरात’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए राज्य को निवेश और विकास का केंद्र बनाया। 2002 के दंगों ने उनकी छवि को विवादों में लाया, लेकिन उन्होंने आर्थिक सुधारों और बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान देकर खुद को एक कुशल और व्यवसाय-समर्थक प्रशासक के रूप में स्थापित किया। 2014 के आम चुनाव में ‘अबकी बार मोदी सरकार’ के नारे और डिजिटल प्रचार के साथ उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ‘ब्रांड मोदी’ को मजबूत किया, जो एक चायवाले से आत्मनिर्भर और निर्णायक नेता तक की कहानी थी।
अनुच्छेद 370 को निरस्त करना
प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने नोटबंदी, GST, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने जैसे साहसिक सुधारों के साथ अपनी छवि को और मजबूत किया। उनकी वैश्विक कूटनीति, मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ और हिंदू सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने वाली नीतियों ने उन्हें जनता से सीधा जोड़ा। जन धन योजना, उज्ज्वला योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं ने गरीब और हाशिए पर रहने वालों के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ाई। ‘ब्रांड मोदी’ अनुशासित नेतृत्व, सुधारवादी दृष्टिकोण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रतीक है।
