
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया। पीएम मोदी ने राधाकृष्णन का परिचय कराते हुए कहा कि वे ओबीसी समाज से आने वाले जमीनी नेता हैं और अपनी सहजता के लिए जाने जाते हैं। राधाकृष्णन 20 अगस्त 2025 को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। दूसरी ओर, विपक्षी दलों की भी मंगलवार को एक महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है, जिसमें उनके उम्मीदवार के नाम पर चर्चा हो सकती है।
विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए तीन नामों पर विचार चल रहा है। इनमें डीएमके के राज्यसभा सांसद तिरुचि सिवा, सी.एन. अन्नादुरै और तुषार गांधी के नाम शामिल हैं। हालांकि, विपक्ष ने अभी तक अपने उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। गठबंधन की बैठक में सहमति बनने के बाद उम्मीदवार के नाम का ऐलान संभव है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।
सीपी राधाकृष्णन निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने जाएं
एनडीए की ओर से कोशिश है कि सीपी राधाकृष्णन निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने जाएं। इसके लिए बीजेपी ने वरिष्ठ नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अन्य दलों से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी है। राजनाथ सिंह ने सर्वसम्मति से चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई विपक्षी नेताओं से संपर्क किया है। एनडीए की रणनीति विपक्ष के साथ सहमति बनाकर चुनाव को एकतरफा बनाने की है।
साफ छवि वाले नेता, जनता के बीच लोकप्रिय
सीपी राधाकृष्णन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं और तमिलनाडु में पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे साफ छवि वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं व जनता के बीच लोकप्रिय हैं। उनकी उम्मीदवारी को दक्षिण भारत में बीजेपी की पैठ बढ़ाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर दोनों पक्षों की तैयारियां तेज होने से राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बढ़ गई है।
