नीट पेपर लीक के गहरे विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में केंद्र सरकार ने बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं। इन बदलावों के तहत एजेंसी में नए जॉइंट सेक्रेटरी और जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्तियां की गई हैं, जिन्हें NTA की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दरअसल कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने दो संयुक्त सचिवों और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने जारी आदेश के अनुसार, अनुजा बापट और रुचिता विज को संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया है। वहीं, आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्ति मिली है। हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली और एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर बढ़ी चुनौतियों और गंभीर सवालों के बीच यह फेरबदल बेहद अहम माना जा रहा है।
अनुजा बापट और रुचिता विज की एंट्री
सरकारी आदेश के मुताबिक, भारतीय सांख्यिकी सेवा की 1998 बैच की अधिकारी अनुजा बापट और भारतीय राजस्व सेवा की 2004 बैच की अधिकारी रुचिता विज पांच साल के कार्यकाल के लिए NTA में संयुक्त सचिव के तौर पर अपनी सेवाएं देंगी। इसके लिए खाली पड़े डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के पदों को अस्थाई तौर पर अपग्रेड किया गया है। केंद्र सरकार के आदेश में यह भी कहा गया है कि भारतीय राजस्व सेवा (इनकम टैक्स) के अधिकारी आकाश जैन और भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा के अधिकारी आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को NTA में संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्त किया गया है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया था संकेत
NTA में इन बड़े प्रशासनिक बदलावों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बीते शुक्रवार (15 मई 2026) को यह स्वीकार किया था कि NTA में और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि हमें सुधारों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। प्रधान ने जोर देकर कहा कि सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और NTA बिना किसी गलती के (Zero-Error) काम करे, यह हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जानिए पूरा मामला
गौरतलब है कि इसी साल 3 मई को 22 लाख से अधिक छात्रों ने NEET-UG की परीक्षा दी थी। हालांकि, पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद इस परीक्षा को इसी हफ्ते रद्द कर दिया गया, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केस दर्ज कर जांच के लिए अपनी विशेष टीमें गठित की हैं। दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नीट प्रश्नपत्र लीक के कथित सरगना पी वी कुलकर्णी और एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे को शनिवार को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। यह गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत जांच की दिशा में एक अहम मोड़ मानी जा रही है, क्योंकि जांच एजेंसियां इस बड़े घोटाले की जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।






