नए वेतन आयोग से कर्मचारियों की सैलरी 50% तक बढ़ेगी! इतना रहेगा फिटमेंट फैक्टर, NC-JCM ने क्या रखी है मांग, जानें अपडेट

आमतौर पर केन्द्र सरकार हर दस साल में नए वेतन आयोग का गठन करती है। फिलहाल 7वां वेतन आयोग लागू गया है, जिसे 2016 में एनडीए सरकार ने लागू किया था और अब जनवरी 2026 से अगला वेतन आयोग लागू करने की तैयारी है।
8TH PAY COMMISSION

8th Pay Commission : केन्द्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के बाद अब लाखों केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को इसके लागू होने का इंतजार है। खबर है कि 1 जनवरी, 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू किया जा सकता है क्योंकि सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म होने जा रहा है।

आठवें वेतन आयोग को लागू होने के बाद सैलरी और पेंशन में अच्छा-खासा इजाफा होने की उम्मीद है।अगर किसी कारणवश 8वें वेतन आयोग को लागू करने में समय लगता है, तो केन्द्र सरकार 1 जनवरी 2026 से ही बढ़े हुए पैसे जोड़कर भुगतान करेगी यानी कर्मचारियों को एरियर मिलेगा।इसका लाभ 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को मिलेगा।8वें वेतन आयोग का वित्तीय वर्ष 2026 पर कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।

अप्रैल से शुरू होगी नए वेतन आयोग को लागू करने की प्रक्रिया

कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्रालय अप्रैल 2025 से 8वें वेतन आयोग का काम शुरू करेगा, वहीं ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी के शिव गोपाल मिश्रा का कहना है कि 8वें वेतन आयोग का गठन 15 फरवरी 2026 तक हो सकता है और 30 नवंबर तक इसकी अंतिम रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके बाद सरकार दिसंबर 2025 में समीक्षा करेगी, और जनवरी 2026 से इसे लागू किया जा सकता है।

8th Pay Commission: कितनी बढ़ेगी सैलरी और पेंशन

  • मीडिया रिपोर्ट्स  की मानें तो नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच तय किया जा सकता है जिससे बेसिक सैलरी में 40-50% की वृद्धि होगी।
  •  अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा सैलरी 20,000 रुपये है और नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद सैलरी 46,600 रुपये से 57,200 रुपये के बीच हो सकती है।
  • न्यूनतम बेसिक सैलरी के बढ़कर 40,000 रुपये तक होने का अनुमान है। इसके अलावा भत्ते और परफॉर्मेंस-बेस्ड बोनस भी मिलेंगे।
  • यदि फिटमेंट फैक्टर 2.0 पर सेट किया जाता है, तो मूल वेतन 36,000 रुपये तक बढ़ सकता है – जो कि 100% की बड़ी वृद्धि है।
  • 2.08 का फिटमेंट फैक्टर होने पर न्यूनतम मूल वेतन को 37,440 रुपये हो सकता है जो कि 108% की वृद्धि दर्शाता है।
  • पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन संभावित रूप से बढ़कर 18,720 रुपये हो जाएगी।

NC-JCM ने रखी ये मांग

  • द नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टिव मशीनरी ( NC-JCM) 8वें वेतन आयोग के साथ सभी सैलरी बैंडों में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन के लिए एक समान फिटमेंट फैक्टर स्थापित करने के लिए बातचीत कर रही है।
  • कर्मचारी संघ की मांग है कि सभी सैलरी बैंडों में फिटमेंट फैक्टर एक समान हो, चाहे वह वेतन बैंड 1 हो या वेतन बैंड 4, 8वें वेतन आयोग के समक्ष हो। सातवें वेतन आयोग के तहत सैलरी बैंड 1 में कर्मचारियों के वेतन को संशोधित करने के लिए 2.57 फिटमेंट फैक्टर हुआ था।सातवें वेतन आयोग ने रेशनलाइजेशन इंडेक्स को ध्यान में रखते हुए टॉप लेवल के वेतन संशोधन के लिए 2.81 के फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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