नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद जेडीयू कार्यकर्ताओं का विरोध जारी, पटना में लगे पोस्टर, बिहार सीएम से पुनर्विचार की मांग

बड़ी तादाद में जेडीयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों का कहना है कि नीतीश कुमार को राज्य की राजनीति में सक्रिय रहकर नेतृत्व जारी रखना चाहिए। इस पोस्टरों में उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री बिहार छोड़कर न जाएं। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उनके फैसले के विरोध में हंगामा किया था।
JD(U) Protest Patna

JD(U) Protest Patna

नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने पर जेडीयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच नाराजगी जारी है। अब उन्होंने पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाए हैं जिसमें मुख्यमंत्री से उनके फैसले पर दोबारा सोचने की अपील की गई है।

इन पोस्टरों में कार्यकर्ताओं ने लिखा है कि लोकतंत्र में जनता के जनादेश और आत्मसम्मान के हनन को और सहन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य कई स्थानों पर भी पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें लिखा गया है कि नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति छोड़कर दिल्ली नहीं जाना चाहिए और राज्य के नेतृत्व की जिम्मेदारी जारी रखनी चाहिए।

नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद हंगामा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे और मौजूद रहे। नीतीश कुमार के साथ एनडीए के अन्य उम्मीदवारों जेडीयू के रामनाथ ठाकुर, भाजपा के नितिन नवीन और शिवेश कुमार तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेंद्र कुशवाहा ने भी नामांकन भरा।

नामांकन भरने से पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा कि लंबे समय से उनके मन में राज्यसभा जाने की इच्छा थी। उन्होंने बिहार की जनता, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार जताया और कहा कि वे विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) का हिस्सा बनना चाहते थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि नई सरकार को उनका पूरा मार्गदर्शन और समर्थन मिलता रहेगा।

कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाकर फैसले पर दुबारा सोचने का आग्रह किया

लेकिन उनके इस फैसले से जेडीयू कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी रोष फैल गया है। पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर नीतीश कुमार को उनके फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए पोस्टर लगाए गए हैं। इसके साथ शहर के कई अन्य स्थानों पर भी ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं जिनमें लिखा है कि कार्यकर्ताओं ने संघर्ष और लाठीचार्ज सहकर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया था और वे उन्हें दिल्ली नहीं जाने देना चाहते। कुछ कार्यकर्ताओं ने यह मांग भी उठाई है कि यदि राज्यसभा भेजना ही है तो नीतीश कुमार की जगह उनके बेटे निशांत कुमार को भेजा जाए।

गुरुवार को भी नीतीश कुमार के नामांकन भरने के बाद पटना में जमकर विरोध प्रदर्शन और हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री आवास के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ता जमा हुए जहां कई फूट-फूटकर रोते हुए भी नज़र आए। वे “नीतीश कुमार बिहार के हैं, उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे” और “हम जान दे देंगे, लेकिन नीतीश को नहीं जाने देंगे” जैसे नारे लगा रहे थे। कार्यकर्ताओं ने नामांकन प्रक्रिया रोकने की कोशिश की, सड़क जाम की और धरना दिया। जेडीयू प्रदेश कार्यालय में भी प्रदर्शन हुआ। कार्यकर्ताओं ने फर्नीचर तोड़ा, बर्तन फेंके, गमले तोड़े और नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ जगहों पर विधायकों, एमएलसी और मंत्रियों को भगाया भी गया। वे मांग कर रहे हैं कि नीतीश मुख्यमंत्री पद पर बने रहें अन्यथा बहुमत परीक्षण या चुनाव कराया जाए।

(वीडियो साभार: एएनआई)

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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