नई दिल्ली: अमेरिका में 12 साल तक एक सफल जीवन बिताने के बाद एक NRI ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के लिए भारत लौटने का फैसला किया। भारत वापसी के 9 महीने बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर अपना अनुभव साझा किया है, जो अब वायरल हो गया है। इस पोस्ट में उन्होंने भारत लौटने के अपने फैसले को सही ठहराया है, लेकिन यह भी स्वीकार किया है कि उनका दिल आज भी अमेरिका में छोड़ी गई जिंदगी से जुड़ा हुआ है।
उनकी कहानी उन हजारों प्रवासियों की दुविधा को दर्शाती है, जो करियर की आकांक्षाओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते हैं।
क्यों लौटना पड़ा भारत?
इस NRI ने अपनी पोस्ट में बताया कि भारत लौटने का फैसला उनके जीवन के सबसे कठिन फैसलों में से एक था। विदेश में रहते हुए माता-पिता की बिगड़ती सेहत की चिंता उन्हें मानसिक रूप से परेशान कर रही थी। उन्होंने लिखा कि हजारों किलोमीटर दूर से आने वाली हर इमरजेंसी कॉल उनके मन में डर पैदा कर देती थी। इसी मानसिक बोझ के चलते उन्होंने भारत वापस आने का निर्णय लिया।
भारत आने के बाद वह अपने माता-पिता की सर्जरी के दौरान उनके साथ रह सके और उनकी देखभाल की। उन्होंने लिखा कि यह अहसास कि उनके माता-पिता “बस अगले कमरे में हैं”, उन्हें गहरी मानसिक शांति देता है।
भारत में मिली आर्थिक स्थिरता और सुकून
भारत लौटने के बाद भी उनकी प्रोफेशनल लाइफ पटरी पर रही। उन्हें एक रिमोट नौकरी मिल गई, जिससे उनकी आमदनी बनी हुई है और सेविंग्स भी अच्छी हो रही है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने भविष्य पर ज्यादा नियंत्रण महसूस होता है। भारत में उन्हें वीज़ा, इमिग्रेशन और स्टैंपिंग जैसी अनिश्चितताओं से भी मुक्ति मिल गई है, जो अमेरिका में एक स्थायी तनाव का कारण था।
घर का बना खाना, परिवार के साथ समय बिताना और बिना किसी चिंता के भविष्य की योजना बनाने की आजादी को उन्होंने अपनी नई जिंदगी का सबसे बड़ा सुकून बताया।
‘कैलिफोर्निया की जिंदगी एक सपने जैसी थी’
हालांकि, भारत में मिली शांति के बावजूद वह अमेरिका में बिताए पलों को नहीं भुला पाए हैं। उन्होंने कैलिफोर्निया में बिताए सालों को ‘एक सपने जैसा’ बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि उनका भावनात्मक जुड़ाव आज भी वहां की जिंदगी से है। उनके पास अब भी अमेरिका का सोशल सिक्योरिटी नंबर, पहचान पत्र, बैंक अकाउंट और 401k रिटायरमेंट फंड मौजूद है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “यह सोचकर अजीब लगता है कि शायद अब मैं कभी अमेरिका वापस न जा पाऊं। लंबे समय तक उस देश में रहने का भावनात्मक बोझ अब महसूस हो रहा है, जहां मैं खुद को कभी पूरी तरह अपनाया हुआ नहीं समझ पाया।”
Reddit पोस्ट पर लोगों ने साझा की अपनी भावनाएं
उनकी पोस्ट का शीर्षक था — “9 महीने बाद… मुझे खुशी है कि मैंने भारत लौटने का फैसला लिया, लेकिन…”। इस पोस्ट पर कई अन्य यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि जब आपकी जड़ें दो देशों में हों, तो यह एक अंदरूनी संघर्ष पैदा करता है। वहीं कुछ लोगों ने माना कि भारत लौटने पर परिवार से जुड़ाव बढ़ता है, लेकिन करियर की कई संभावनाएं पीछे छूट जाती हैं। एक अन्य यूजर ने उन्हें दिलासा देते हुए लिखा कि कुछ समय बाद उन्हें ऐसा लगेगा जैसे वह हमेशा से यहीं रहते आए हों।






