पटना: पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। बढ़ते दबाव और परिवार के गंभीर आरोपों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने अब इस केस की CBI जांच की सिफारिश कर दी है। केंद्र सरकार से इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का आग्रह किया गया है।
इसकी पुष्टि राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। उन्होंने कहा कि पटना NEET छात्रा हत्या मामले (केस नंबर 14/26) की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। यह निर्णय छात्रा के माता-पिता की बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार से मुलाकात के बाद आया है।
परिवार ने लगाए थे जांच दबाने के आरोप
छात्रा का परिवार शुरुआत से ही पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहा था। उनका आरोप था कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और इसे आत्महत्या का रूप दे रही है, जबकि उनकी बेटी के साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। 30 जनवरी को छात्रा की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्हें जांच से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है और मामले को कई स्तरों पर दबाया जा रहा है। परिवार के आरोपों और न्याय की मांग को लेकर DGP आवास के बाहर काफी हंगामा भी हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और SIT जांच
यह मामला 6 जनवरी का है, जब छात्रा अपने निजी हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। पांच दिन बाद इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। 12 जनवरी को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर चोट के निशान और हिंसा के संकेत मिले थे। रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका से भी इनकार नहीं किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 16 जनवरी को राज्य सरकार के आदेश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने 25 जनवरी को परिवार द्वारा दिए गए छात्रा के कपड़ों को फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा था, ताकि DNA प्रोफाइल तैयार किया जा सके। इस मामले में अब तक हॉस्टल मालिक को गिरफ्तार किया जा चुका है और कम से कम 25 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।






