OBC reservation: ओबीसी वर्ग को बड़ा तोहफा देने जा रही मोदी सरकार, राज्यों को मिलेंगे ये अधिकार

किसानों

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। रक्षाबंधन से पहले केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) ओबीसी वर्ग  (OBC reservation) को बड़ा तोहफा देने जा रही है। आज सोमवार को 127वां संविधान संशोधन विधेयक पेश करेगी।इसके तहत राज्य सरकारों को अब ओबीसी सूची बनाने का अधिकार देने मिल जाएगा। इस बिल को हाल ही में मोदी कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई है। आगामी चुनाव और उपचुनावों से पहले ओबीसी वोट बैंक को साधने का  यह मोदी सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है, इससे आगे राजनीती में भरपूर फायदा मिलने की उम्मीद है।

यह भी पढ़े.. 15 अगस्त से पहले कर्मचारियों को मिल सकता है DA का तोहफा, सैलरी में होगा बंपर इजाफा

दरअसल, आज केंद्र सरकार (Centre Government) द्वारा लोकसभा (Loksabha) में ओबीसी समुदाय से जुड़ी लिस्ट तैयार करने के लिए राज्यों को अधिकार देने वाला संविधान संशोधन बिल (constitution amendment bill) पेश किया जाएगा। 127वां संविधान संशोधन बिल के द्वारा आर्टिकल 342 A (3) लागू किया जाएगा, जिसके बाद राज्यों को इसके लिए केंद्र पर निर्भर नहीं रहना होगा और उनके पास इसका अधिकार होगा।

लोकसभा से हरी झंडी मिलने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा और मंजूरी मिलते ही यह प्रभावशील हो जाएगा।इस बिल के पारित होने के बाद राज्यों के पास ओबीसी सूची में अपनी मर्जी से जातियों को अधिसूचित करने का अधिकार होगा। इससे महाराष्ट्र में मराठा समुदाय, हरियाणा में जाट समुदाय, गुजरात में पटेल समुदाय और कर्नाटक में लिंगायत समुदाय को ओबीसी वर्ग में शामिल करने पर फैसला हो सकता है।

यह भी पढ़े.. MP Flood: वीडी शर्मा की अधिकारियों को चेतावनी-बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

गौरतलब है कि बीते दिनों केंद्रीय मंत्री व रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने संकेत दिए थे कि केंद्र सरकार राज्यों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण में जातियों को शामिल करने का अधिकार देने जा रही है। इसके लिए सरकार जल्द ही एक संशोधन बिल लाएगी।बताते चले कि हाल ही में मोदी सरकार ने मेडिकल कोर्सेस में ओबीसी को 27 और EWS को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews