
Old Pension Scheme 2023 : आगामी लोकसभा चुनाव से पहले देश में एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है। एक अक्टूबर को नई दिल्ली में पेंशन शंखनाद रैली निकाली जाएगी, जिसमें लाखों शिक्षक व कर्मचारी शामिल होंगे। वही विद्युत कर्मचारी भी जमकर प्रदर्शन करेंगे। बता दे कि अबतक एराजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गई है और लाखों कर्मचारियों पेंशनरों का लाभ मिलना शुरू हो गया है।बता दे कि केन्द्र एवं राज्य सरकार के सरकारी कर्मियों एवं पदाधिकारीयों के साथ होने वाले शोषणकारी नितियों और पुरानी पेंशन योजना पुनः लागू नहीं करने के खिलाफ यह विशाल रैली किया जा रहा है।
1 अक्टूबर को दिल्ली में जुटेंगे देशभर के कर्मचारी-शिक्षक
दरअसल, 1 अक्टूबर को अटेवा और नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम ( एनएमओपीएस) से जुड़े कर्मचारी पेंशनर्स संगठन दिल्ली के रामलील मैदान में प्रदर्शन करने जा रहे है।इसमें विभिन्न विभागों के देश भर से लाखों कर्मचारी पेंशनर्स शामिल होंगे। वही विद्युत विभाग के सभी राज्यों के कर्मचारी एवं पदाधिकाी भी इसमें भाग लेने जा रहे हैं। विभाग ने सभी कर्मचारियों को एक अक्टूबर को एनएमओपीएस के बैनर तले दिल्ली में आयोजित पेंशन शंखनाद रैली में भाग लेकर रैली को सफल बनाने को रहा।एनपीएस कर्मचारी संघ का कहना है कि विभिन्न राज्यों के लाखों कर्मचारी 1 अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में जुटेंगे और देशभर में पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग उठाएंगे।
जब 5 राज्यों में लागू तो पूरे देश में क्यों नहीं-एनएमओपीएस
एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु का कहना है कि ‘पुरानी पेंशन’ बहाली का मुद्दा, अब जीवन मरण का प्रश्न बन गया है। एक साल से इस रैली की तैयारी हो रही है। विभिन्न राज्यों का दौरा कर सरकारी कर्मियों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। कई राज्यों में सरकारी कर्मी संगठनों ने अपने-अपने तरीके से ओपीएस की मांग उठाई है। पुरानी पेंशन लागू होने से सरकार को नुकसान नहीं होगा। जब पांच राज्यों में पुरानी पेंशन बहाल हो सकती है, तो पूरे देश में क्यों नहीं हो सकती। देश की आंतरिक और सीमा की सुरक्षा में तैनात सीएपीएफ जवानों को पुरानी पेंशन से वंचित रखा जा रहा है। दावा है कि देश भर से करीब 20 लाख से अधिक केंद्र एवं राज्यों के सरकारी कर्मचारी, दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचेंगे और यह अभी तक की सबसे बड़ी रैली होगी। विशाल रैली में पहुंचने के लिए सरकारी कर्मियों ने ट्रेन में अपनी सीटें बुक कराई है।
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