ये है MP का केदारनाथ, सर्दियों में यहां विश्राम करते हैं बाबा केदार

गर्मी के मौसम में केदारनाथ मंदिर भक्तों से खचाखच भरी रहती है, क्योंकि इस दौरान दर्शन के लिए कपाट खोले जाते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में 6 महीने तक केदारनाथ मंदिर के द्वारा बंद कर दिए जाते हैं।
Omkareshwar Temple of Ukhimath

Omkareshwar Temple : हमारे देश में एक-से-बढ़कर-एक धार्मिक स्थल है, जहां घूमने के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग पहुंचते हैं। जिनमें से प्रमुख चारधाम यात्रा भी है। इनमें से एक केदारनाथ है, जो कि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। इसके मंदिर के कपाट को एक निर्धारित समय अंतराल में खोला जाता है, लेकिन सर्दियों के समय केदारनाथ मंदिर को बंद कर दिया जाता है। यदि आप बाबा केदार के दर्शन सर्दी के मौसम में भी करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए हैं। आप दूसरे केदारनाथ में जाकर कर भगवान के दर्शन कर सकते हैं।

दरअसल, दूसरा केदारनाथ मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में स्थित है। यहां लाखों की संख्या में हर साल भक्त पहुंचते हैं और बाबा केदार के दर्शन करते हैं।

6 महीने तक बंद रहते हैं कपाट (Omkareshwar Temple)

गर्मी के मौसम में केदारनाथ मंदिर भक्तों से खचाखच भरी रहती है, क्योंकि इस दौरान दर्शन के लिए कपाट खोले जाते हैं, लेकिन सर्दियों के मौसम में 6 महीने तक केदारनाथ मंदिर के द्वारा बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को अगले साल यानी गर्मी तक का इंतजार करना पड़ता है। केदारनाथ धाम भारत के उत्तराखंड राज्य में हिमालय की गोद में स्थित है। केदारनाथ धाम का महत्व शिवपुराण में उल्लेखित है और इसे भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है।

पंच गद्दी स्थल

केदारनाथ मंदिर के कपाट ठंडी के मौसम में 6 महीने के लिए बंद किए जाते हैं। इसके बाद कपाट मेघ लग्न में खुले जाते हैं। कपाट खुलने से पहले पूजारी एक दीपक जलाते हैं जो 6 महीने के बाद जलता हुआ मिलता है। इस दौरान बाबा केदार का पंचमुखी विग्रहुखी ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में स्थापित किया जाता है, जिसे पंच गद्दी स्थल के नाम से भी जाना जाता है। इसे स्थानीय लोगों द्वारा दूसरा केदारनाथ भी कहा जाता है। यहां आप भगवान केदारनाथ, केदार मध्यमेश्वर, केदार तुंगनाथ, केदार रुद्रनाथ और केदार कल्पेश्वर के एक साथ दर्शन कर सकते हैं।

मेले का आयोजन

केदारनाथ धाम में कपाट बंद होने के बाद जब भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली अपने धाम से ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए रवाना होती है, तब यहां पर भव्य मेले का आयोजन किया जाता है, जो तीन दिनों तक चलता है।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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