हरिहर किले पर ट्रैकिंग के लिए लगानी पड़ती है जान की बाजी, इसकी बनावट है आकर्षण का केंद्र

हरिहर किले पर ट्रैकिंग के लिए लगानी पड़ती है जान की बाजी, इसकी बनावट है आकर्षण का केंद्र

Harihar Fort in Maharashtra : हरिहर किला महाराष्ट्र के नासिक जिले में इगतपुरी से लगभग 48 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह किला पश्चिमी घाट के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच स्थित है और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख ट्रेकिंग स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है। हरिहर किला का असली नाम हर्षगढ़ किला है। इस किले का निर्माण गुजरात से महाराष्ट्र को जोड़ने वाले गोंडा घाट के व्यापार मार्ग को निगरानी करने के उद्देश्य से किया गया था जो कि अब पर्यटकों के बीच प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

बनावट है आकर्षण का केंद्र

इस किले की बनावट प्रिज्म जैसा चौकोर आकार का है जो कि संरचना में दोनों ओर से 90 डिग्री की सीध में है। यह 170 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है, जहां तक पहुंचने के लिए 177 सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंचना पड़ता है। 50 सीढ़ियों के बाद किले का मुख्य द्वार मिलना, वहाँ पर्यटकों खास अनुभव होता है।

इतिहास

बता दें कि हरिहर किला पश्चिमी घाट के त्रयम्बकेश्वर पहाड़ पर स्थित है। जिसका इतिहास यादव राजवंश से जुड़ा हुआ है। 9वीं से 14वीं शताब्दी के बीच यादव राजवंश ने हरिहर किले की आधारशिला रखी थी। इस किले का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक मार्ग का निगरानी करना था। किले की आधारशिला के बाद कई आक्रमणकारी शासकों ने इस किले को अपने अधिकार में ले लिया, जिसपर मुग़ल साम्राज्य के शासक शाह आलम द्वारा राज किया गया था। बाद में मराठा साम्राज्य ने इस किले का पुनर्निर्माण किया। यह किला अहमदनगर सल्तनत के अधिकार जमाने वाले किलों में एक था।

साल 1636 में शाहाजी भोसले ने कुछ अन्य किलों के साथ हरिहर किला को मुग़ल जनरल खान जमान के हवाले कर दिया था। वहीं, 1818 में त्रयंबक के पतन के उपरांत इस किले पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया, जो ब्रिगेडियर कैप्टन ब्रिग्स के द्वारा किया गया था। हरिहर किले के साथ अन्य 16 किलों पर भी कैप्टन ब्रिग्स ने अपना अधिकार जमा लिया था।

इन बातों का रखें ध्यान

  • पहले तो आपको महाराष्ट्र के नासिक जिले पहुंचना होगा, जो हरिहर किला के निकट शहर है।
  • नासिक से आपको ईगतपुरी (Igatpuri) पहुंचना होगा, जो हरिहर किला का निकट गाँव है।
  • ईगतपुरी से किले की ओर पहुंचने के लिए विभिन्न ट्रैकिंग रूट्स हैं लेकिन एक प्रमुख ट्रैक नामक “हरिहरगढ़” जाना जाता है।
  • हरिहर किला पहुंचने के लिए आपको ट्रैकिंग करना होगा। इस ट्रैक पर आपको पहाड़ी रास्ते, चढ़ाई की सीढ़ियां चढ़ना होगा।
  • कृपया ट्रैकिंग करते समय सुरक्षित रहें और अपनी खुद की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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