संसद परिसर में विपक्षी पार्टियों से सांसदों का प्रदर्शन, बैनर पर लिखा “अमित शाह संसद से गायब क्यों?”

विपक्षी सांसदों ने आज फिर संसद परिसर में प्रदर्शन किया, उन्होंने कहा देश की जनता छात्रों पर की गई बर्बरता और 'चढ़ावा चोरी' पर सवाल पूछ रही है। जनता को बताना होगा- छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया?
opposition MP Protest in Parliament complex

opposition MP Protest in Parliament complex

संसद के मानसून सत्र में चल रहा गतिरोध और हंगामा आज भी जारी रहा, विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन का क्रम आज भी जारी रखा, समाजवादी पार्टी जहाँ राम मंदिर दान चोरी मुद्दे को लेकर हमलावर है वहीं कांग्रेस छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सवाल कर रही है, सभी विपक्षी दलों के सांसद इस पर गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी और उनकी सदन में अनुपस्थिति को लेकर सवाल कर रहे है।

संसद परिसर में विपक्ष ने एक बड़े से बैनर के साथ आज सोमवार को फिर प्रदर्शन किया, विपक्ष का राम मंदिर दान चोरी पर भी विरोध प्रदर्शन जारी है, सदन के अन्दर और संसद परिसर दोनों जगह विपक्ष एकजुट होकर मोदी सरकार को घेर रहा है और प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सवाल कर रहा है।

दान चोरी को लेकर सरकार पर विपक्ष का हमला बरक़रार 

कांग्रेस के सांसदों के हाथ में एक बैनर था जिसपर लिखा था – अमित शाह सांसद से गायब क्यों? कांग्रेस के सांसद इसे लेकर नारेबाजी भी कर रहे थे, वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद राम मंदिर दान चोरी के विरोध में दान पात्र रखकर प्रदर्शन कर रहे थे उनके हाथ में भाजपा के विरोध में नारे लिखे पोस्टर थे। मुद्दे भले ही अलग अलग थे लेकिन सभी विपक्षी सांसद एकजुट होकर सरकार पर हमलावर थे।

हर सत्र में गृह मंत्री एक्टिव रहते है लेकिन इस बार गायब क्यों ? 

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा हम एक सामान्य सवाल पूछ रहे हैं कि गृह मंत्री अमित शाह संसद में क्यों नहीं आ रहे हैं? वे सदन से क्यों भाग रहे हैं, क्या कारण है? वैसे सभी सत्रों में वे बहुत सक्रिय रहते थे। हम दो साल से देख रहे हैं वे हर बिल के समय लोकसभा और राज्यसभा में मौजूद रहते थे तो फिर इस सत्र में वे क्यों नहीं आ रहे हैं? छात्रों पर अत्याचार और हमले अभी भी जारी हैं। हमें और पूरे देश को गृह मंत्री से जवाब चाहिए।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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