कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना के सदाकत आश्रम में झंडा फहराकर विस्तारित कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक का शुभारंभ किया। बिहार की राजधानी में आजादी के बाद पहली बार CWC की बैठक हो रही है। बैठक में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा सहित लगभग 170 सदस्य हिस्सा ले रहे हैं। यहां बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ चुनाव में पारदर्शिता, वोटर रोल की जांच और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
राहुल गांधी सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद ‘अतिपिछड़ा न्याय संकल्प’ कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य बिहार और देशभर में अति पिछड़ा वर्ग ((EBC) के लिए सामाजिक और आर्थिक न्याय सुनिश्चित करना है। इसे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा राजनीतिक दांव माना जा रहा है।
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पटना में CWC की बैठक
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक आज पटना के सदाकत आश्रम में हो रही है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने झंडा फहराकर इसका शुभारंभ किया। यह बैठक न सिर्फ बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणनीति पर केंद्रित है, बल्कि यहां राष्ट्रीय स्तर पर वोट चोरी, वोटर लिस्ट मैनिपुलेशन जैसे मुद्दों पर भी गहन चर्चा होगी। इसी के साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख समस्याओं जैसे महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, दलित अत्याचार जैसे मुद्दों पर भी बात होगी।
कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं
आज की बैठक में कई बड़े निर्णय होने की संभावना है। कांग्रेस के बिहार इकाई ने पहले ही यह तय किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन अधिकार केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया जाएगा। इसी के साथ पार्टी 20 जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की योजना बना रही है, जहां “वोट चोरी” जैसे विषयों को जनता के सामने रखा जाएगा। बैठक में महागठबंधन में सीट बंटवारे और गठबंधन की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है।
कांग्रेस ने याद दिलाया कि इससे पहले CWC की बैठक आजादी से पूर्व 1940 में पटना में हुई थी, जब ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया गया था। बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने आज की बैठक को “दूसरी आजादी की लड़ाई” से जोड़ा है और कहा है कि ये सामाजिक न्याय और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।