CBSE बोर्ड परीक्षा की डेटशीट सोशल मीडिया पर वायरल, जानिये क्या है सच्चाई

CBSE बोर्ड परीक्षा की डेटशीट सोशल मीडिया पर वायरल, जानिये क्या है सच्चाई

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट| सीबीएसई (CBSE) 10वीं 12वीं परीक्षा 2021 की तारीखों के ऐलान के बाद अब डेटशीट का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है| इस बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर CBSE 12 वीं 2021 की एक डेट शीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि ये सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) द्वारा जारी की गई है। सरकार ने इस डेटशीट को फर्जी बताया है और कहा है कि ऐसी खबरों से सचेत रहने की जरूरत है|

दरअसल,. गुरूवार को शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने 4 मई से 10 जून तक परीक्षा कराए जाने की घोषणा की थी| लेकिन किस दिन और किस तारीख को कौनसा पेपर होगा, इस सम्बन्ध में (डेटशीट) के बारे में अभी कोई ऐलान नहीं हुआ है| इस बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी डेटशीट वायरल हो रही है|

विद्यार्थी इस डेटशीट से गुमराह होने से बचें। भारत सरकार के प्रेस सूचना कार्यालय ने इस डेटशीट को फर्जी बताया है। सरकार की फैक्ट चैक ऑर्गेनाइजेशन पीआईबी फैक्ट चैक ( PIB Fact Check ) ने इस डेटशीट को पूरी तरह फेक करार दिया है। पीआईबी ने कहा है कि शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षा का ऐलान किया है जो 4 मई से 10 जून 2021 तक चलेगी|  इस बारे में सीबीएसई ने भी छात्रों को सचेत रहने की सलाह दी है. बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा के बारे में समय-समय पर छात्रों को जानकारी दी जाएगी|

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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