PM सोमवार को कर सकते हैं लॉकडाउन आगे बढ़ाने का ऐलान, इस बार मिलेगी थोड़ी छूट

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नई दिल्ली| कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए देशभर में 14 अप्रैल तक के लिए देशव्यापी लॉकडाउन घोषित किया गया है| देश में अब तक कोरोना के 8 हजार 356 मामले सामने आए हैं. वहीं, अब तक 273 लोगों की मौत हो गई है| स्तिथि से निपटने सरकार लॉक डाउन आगे बढ़ा सकती है| हालाँकि इस बार कुछ राहत भी लॉक डाउन के दौरान दी जायेगी, जिससे लोग कम से कम परेशान हो|

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 अप्रैल सोमवार को देश की जनता को संबोधित कर लॉक डाउन आगे बढ़ाने का एलान कर सकते हैं| इस बात की संभावना जताई जा रही है कि फिलहाल देश में दो हफ्ते लॉक डाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है| इस दौरान कृषि, चिकित्सा, शिक्षा, मत्स्य पालन, कपड़ा समेत कुछ क्षेत्रों में छूट दिए जाने के आसार हैं| हालांकि लोगों को सरकार के निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा| देश के नाम सम्बोधन में प्रधानमंत्री लॉक डाउन का ठीक से पालन करने और साफ़ सफाई को लेकर लोगों से अपील कर सकते हैं|

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकांश मुख्यमंत्री लॉकडाउन को अवधि को बढ़ाने के पक्ष में थे। कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए कई राज्यों ने लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला किया है| प्रधानमंत्री जल्द ही लॉक डाउन को आगे बढ़ाने का एलान कर सकते हैं|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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