‘संविधान को सिर पर रखकर नाचने वालों ने ही उसे कुचला’- पीएम मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

प्रधानमंत्री मोदी का यह भाषण केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें गहरा राजनीतिक संदेश भी छिपा था।
‘संविधान को सिर पर रखकर नाचने वालों ने ही उसे कुचला’- पीएम मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

दिल्ली के रोहिणी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दलों पर तीखा वार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग सिर पर संविधान रखकर नाचते हैं, वही लोग असल में संविधान को कुचलने का काम करते रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के आदर्शों को ठेस पहुंचाई और संविधान की मूल भावना से खिलवाड़ किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सफाईकर्मियों से जुड़े एक पुराने कानून का उदाहरण देते हुए कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता की बातें करने वाले लोग असल में भेदभाव और शोषण को बढ़ावा देने वाले कानून लागू कर रहे थे।

बिना छुट्टी बताए काम पर न आएं तो जेल

पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान खुलासा किया कि पहले दिल्ली में म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट में एक ऐसा कानून था, जिसके तहत सफाईकर्मी यदि बिना अनुमति या सूचना दिए काम पर नहीं आते, तो उन्हें एक महीने तक की जेल हो सकती थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “खुद सोचिए, सफाईकर्मी भाई-बहनों को क्या यह सम्मानजनक व्यवहार कहा जा सकता है? एक दिन की छुट्टी या मजबूरी पर उन्हें जेल भेज देना कहां का न्याय है?” प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कानून बनाकर कांग्रेस और उसके नेतृत्व ने यह साबित कर दिया कि वे समाज के सबसे वंचित वर्गों की पीड़ा को समझने और दूर करने में पूरी तरह असफल रहे।

सैकड़ों अन्यायपूर्ण कानून खत्म किए

पीएम मोदी ने इस अवसर पर अपनी सरकार के कामकाज को भी विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार आई, तो ऐसे सैकड़ों पुराने और बेकार कानून थे, जो आम नागरिकों की जिंदगी मुश्किल बना रहे थे। उन्होंने कहा, “हमने सरकार में आकर यह संकल्प लिया कि शासन व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाना है। इसी दिशा में हमने ऐसे कानूनों की पहचान कर उन्हें खत्म किया। यह प्रक्रिया आज भी जारी है। हमारे लिए रिफॉर्म का मतलब केवल कागजी सुधार नहीं, बल्कि सुशासन का विस्तार है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में उनकी सरकार ने प्रशासनिक सुधारों की लंबी सूची लागू की है, जिससे नागरिकों और व्यवसायियों दोनों को राहत मिली है।

जीएसटी रिफॉर्म का ऐलान

कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों को एक बड़ी खुशखबरी भी दी। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही जीएसटी में बड़े सुधार लाने वाली है। इस सुधार का प्रारूप राज्यों को भेजा गया है और उम्मीद है कि सभी राज्य इसमें सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, “इस बार दिवाली पर देशवासियों को डबल बोनस मिलने वाला है। एक ओर त्योहार की खुशी होगी और दूसरी ओर जीएसटी सुधार का लाभ मिलेगा। हम चाहते हैं कि व्यापारियों, उद्यमियों और आम जनता के लिए टैक्स स्ट्रक्चर और अधिक आसान बने।” उन्होंने आगे कहा कि भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूती से खड़ा करने के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर लगातार काम हो रहा है। जीएसटी सुधार उसी कड़ी का एक बड़ा हिस्सा होगा।

राजनीतिक संदेश और विपक्ष पर वार

प्रधानमंत्री मोदी का यह भाषण केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें गहरा राजनीतिक संदेश भी छिपा था। उन्होंने परोक्ष रूप से कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि जो लोग आज संवैधानिक मूल्यों के सबसे बड़े हिमायती बनने का दावा करते हैं, असल में उन्होंने ही संविधान के साथ सबसे अधिक अन्याय किया। पीएम मोदी ने यह भी संकेत दिया कि उनकी सरकार केवल अतीत की गलतियों को ठीक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक आधुनिक और न्यायसंगत शासन व्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन साफ करता है कि सरकार आने वाले दिनों में बड़े सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाने वाली है। जहां एक ओर उन्होंने कांग्रेस पर संविधान और सामाजिक न्याय से धोखा करने का आरोप लगाया, वहीं दूसरी ओर अपनी सरकार की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएँ जनता के सामने रखीं। साफ है कि दिवाली से पहले जीएसटी सुधार का ऐलान जनता और कारोबारियों दोनों के लिए राहत और उत्साह लेकर आएगा। वहीं, कांग्रेस पर तीखे हमले से यह भी स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक मोर्चे पर भी मोदी सरकार विपक्ष को कोई मौका नहीं देना चाहती।

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