अहमदाबाद में PM मोदी और जर्मन चांसलर ने उड़ाई पतंग, साबरमती आश्रम में गांधीजी को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को अहमदाबाद में साबरमती आश्रम का दौरा किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में हिस्सा लिया और साथ में पतंग उड़ाई।
अहमदाबाद में PM मोदी और जर्मन चांसलर ने उड़ाई पतंग, साबरमती आश्रम में गांधीजी को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गुजरात दौरे के तीसरे और अंतिम दिन जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ अहमदाबाद के साबरमती आश्रम पहुंचे। सोमवार सुबह दोनों नेताओं ने यहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद दोनों ने साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित पतंग महोत्सव में भी हिस्सा लिया।

गांधी के आदर्श आज ज्यादा जरूरी: मर्ज

साबरमती आश्रम में पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए और तस्वीर पर सूत अर्पित किया। आश्रम का दौरा करने के बाद फ्रेडरिक मर्ज ने विजिटर्स बुक में अपना संदेश लिखा।

“महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा, स्वतंत्रता की शक्ति में उनका विश्वास और हरेक व्यक्ति की गरिमा में उनकी आस्था आज भी लोगों को प्रेरित करती है। यह मानसिकता न्याय और संवाद को बढ़ावा देती है और दुनिया में आशा जगाती है। गांधी के आदर्शों की आज पहले से कहीं ज्यादा आवश्यकता है।” — फ्रेडरिक मर्ज, जर्मन चांसलर

रिवरफ्रंट पर उड़ाई पतंग

आश्रम के दौरे के बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां वे अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 में शामिल हुए। यह महोत्सव 7 दिनों तक चलेगा। इस दौरान पीएम मोदी और चांसलर मर्ज ने साथ में पतंगबाजी का आनंद लिया।

मेट्रो उद्घाटन और द्विपक्षीय वार्ता

पतंग महोत्सव के बाद पीएम मोदी अहमदाबाद के पुराने हाईकोर्ट स्टेशन से गांधीनगर के महात्मा मंदिर तक मेट्रो से यात्रा करेंगे। वह सचिवालय से महात्मा मंदिर तक मेट्रो लाइन का उद्घाटन भी करेंगे। इसके बाद महात्मा मंदिर में ही दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। इन कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 2.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

पीएम के गुजरात दौरे की अन्य झलकियां

रविवार को अपने दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात सौराष्ट्र रीजनल का उद्घाटन किया था और अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2 की शुरुआत की थी। इस दौरान उन्होंने सोमनाथ मंदिर का जिक्र करते हुए कहा था कि कुछ ताकतें आज भी देश में मौजूद हैं, जिन्होंने मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया था। उन्होंने सरदार पटेल द्वारा सोमनाथ के पुनर्निर्माण का संकल्प लेने पर जवाहरलाल नेहरू द्वारा कथित तौर पर आपत्ति जताने का भी संदर्भ दिया था।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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