PM Modi ने अरुणाचल को दी करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात, बोले- हमारा एक ही मंत्र “नागरिक देवो भव:”

PM Modi ने कहा, हम नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्यों को अष्टलक्ष्मी के रूप में पूजते हैं, इसलिए इस क्षेत्र को विकास में पीछे नहीं देख सकते। यहां विकास के लिए केंद्र सरकार अधिक से अधिक धन खर्च कर रही है।
PM Modi Arunachal Pradesh Tour

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अरुणाचल प्रदेश को 5100 रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात दी इसमें दो जिलों में  हैड्रो लेक्टिक प्रोजेक्ट, तवांग में इंटीग्रेटेड स्टेट ऑफ आर्ट कन्टेवेंशन सेंटर सहित 12 91 करोड़ रुपये की 10 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, प्रधानमंत्री ने  कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 2014 में जब आपने मुझे सेवा का मौका दिया, तब मैंने कांग्रेस की सोच से देश को मुक्ति दिलाने की ठान ली। हमारी प्रेरणा किसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं, Nation First की भावना है।​ हमारा एक ही मंत्र है, ‘नागरिक देवो भव:’

प्रधानमंत्री मोदी ने उपस्थित जन समूह को अरुणाचल की स्थानीय भाषा में अभिवादन कर अपना संबोधन शुरू किया उन्होंने हेलिपैड से कार्यक्रम स्थल तक रास्ते में हुए आत्मीय स्वागत के लिए अभी का आभार जताया, पीएम ने कहाअरुणाचल की यह भूमि उगते सूर्य की धरती के साथ देशभक्ति के उफान की भी धरती है। जैसे तिरंगे का पहला रंग केसरिया है, वैसे ही अरुणाचल का पहला रंग भी केसरिया है। यहां का हर व्यक्ति शौर्य और शांति का प्रतीक है।

मोदी ने कहा आज अरुणाचल की मेरी यात्रा तीन कारणों से बेहद खास है। पहला यह कि नवरात्रि के पावन अवसर पर मुझे इन शानदार पहाड़ों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। नवरात्रि के इस दिन हम हिमालय की पुत्री माँ शैलपुत्री की पूजा करते हैं। इन पहाड़ों के बीच रहकर अपनी भक्ति अर्पित करना सचमुच दिव्य अनुभूति है।

दूसरा कारण यह है कि आज से पूरे देश में #NextGenGST सुधार लागू हो गए हैं। जीएसटी बचत उत्सव के शुभारंभ के साथ, लोगों को इस त्योहारी सीज़न में दोहरा लाभ मिल रहा है। तीसरा कारण यह है कि आज अरुणाचल प्रदेश में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत हो रही है। राज्य में बिजली संपर्क, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और कई अन्य क्षेत्रों में नई पहल की गई है, जिससे विकास के नए अवसर खुल रहे हैं।

GST बचत उत्सव, त्योहारों के इस मौसम में डबल बोनस 

मोदी ने कहा आज देश में NextGenGST Reforms लागू हुए हैं। GST बचत उत्सव की शुरुआत हुई है। त्योहारों के इस मौसम में जनता जनार्दन को यह डबल बोनस मिला है। आज से GST को हमने सिर्फ 2 स्लैब तक सीमित कर दिया है ,5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। बहुत सारी चीजें अब टैक्स फ्री हो गई हैं, और बाकी चीजें भी अब सस्ती हो गई हैं। यह GST बचत उत्सव आपके लिए बहुत यादगार बनने वाला है।

सूर्य की किरण सबसे पहले आती है, विकास आने में दशकों लग गए 

प्रधानमंत्री मोदी ने काह हमारे अरुणाचल प्रदेश में वैसे तो सूर्य की किरण सबसे पहले आती है, लेकिन दुर्भाग्य से यहां विकास की किरण आते-आते कई दशक लग गए।  मैं 2014 से पहले भी यहां कई बार आया हूं, आपके बीच रहा हूं। अरुणाचल को प्रकृति ने इतना कुछ दिया है, ये धरती, यहां के परिश्रमी लोग, यहां का सामर्थ्य, यहां इतना कुछ है। लेकिन जो लोग दिल्ली में बैठकर देश चला रहे थे, उन्होंने अरुणाचल को हमेशा नजरअंदाज किया।

कांग्रेस की सोच से अरुणाचल सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट को बहुत नुकसान हुआ

कांग्रेस पर हमला करते हुए मोदी ने कहा,  कांग्रेस जैसे लोग सोचते थे, यहां इतने कम लोग हैं, लोकसभा की सिर्फ दो ही सीटें हैं, तो क्यों अरुणाचल पर ध्यान दिया जाए।कांग्रेस की सोच से अरुणाचल को, पूरे नॉर्थ ईस्ट को बहुत नुकसान हुआ। हमारा पूरा नॉर्थ ईस्ट विकास में पीछे छूट गया। 2014 में जब आपने मुझे सेवा का मौका दिया, तब मैंने कांग्रेस की सोच से देश को मुक्ति दिलाने की ठान ली। हमारी प्रेरणा किसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं, Nation First की भावना है।​ हमारा एक ही मंत्र है, ‘नागरिक देवो भव:’

कांग्रेस की एक पुरानी आदत, विकास मुश्किल काम को हाथ नहीं लगाती

प्रधानमंत्री ने कहा, कांग्रेस की एक पुरानी आदत है कि विकास का जो भी काम मुश्किल होता है, उस काम को वह कभी हाथ ही नहीं लगाती। कांग्रेस की इस आदत से नॉर्थ ईस्ट को बहुत नुकसान हुआ। जहां विकास कार्य करना चुनौती होता था, उसे कांग्रेस पिछड़ा घोषित कर भूल जाती थी।  जो सीमा से सटे गांव थे, उन्हें लास्ट विलेज कहकर पल्ला झाड़ लेती थी। यही कारण है कि सीमावर्ती क्षेत्रों से लोगों का पलायन होता गया।

जिन गांवों को कांग्रेस लास्ट विलेज कहती थी, उन्हें हमने फर्स्ट विलेज माना

मोदी ने कहा भाजपा ने इस अप्रोच को ही बदल दिया। जिन्हें कांग्रेस Backward district कहती थी, उन्हें हमने Aspirational district बनाया और वहां विकास को प्राथमिकता दी गई। सीमावर्ती जिन गांवों को कांग्रेस लास्ट विलेज कहती थी, उन्हें हमने फर्स्ट विलेज माना। इसके अच्छे परिणाम आज हम देख रहे हैं। Vibrant Village की सफलता ने लोगों का जीवन आसान बनाया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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