प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुआ विचार-विमर्श

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक प्रगति, जीवन स्तर सुधारने और व्यापार सुगमता पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुआ विचार-विमर्श

वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में भारत की आर्थिक प्रगति को नई गति प्रदान करने तथा नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री-आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत की आर्थिक बढ़ोतरी को और अधिक बढ़ावा देने हेतु गहन विचार-विमर्श किया। इसके साथ ही, देश में नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और व्यापार के लिए एक अनुकूल वातावरण निर्मित करने संबंधी विभिन्न उपायों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर, आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्यों ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक परिदृश्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का विस्तृत आकलन भी प्रस्तुत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इस बैठक का उल्लेख करते हुए जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस दौरान भारत के आर्थिक परिवर्तन और दीर्घकालिक विकास प्राथमिकताओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने सुधारों की यात्रा को और गति प्रदान करने, ‘Ease of Living’ (जीवन को सुगम बनाने) और ‘Ease of Doing Business’ (व्यवसाय करने में सुगमता) सुनिश्चित करने के अपने दृष्टिकोण को भी साझा किया। यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई जब एक दिन पूर्व ही देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से संबंधित नवीनतम आंकड़े जारी किए गए थे, जिन पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त की थी।

देश की विकास गति के आंकड़े हमारी सफलता के गवाह हैं: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा था, ‘वैश्विक संकट के इस समय में 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक कोशिशों से हमारा देश खुद को संभाल भी रहा है और सबसे आगे रहने के उसकी कोशिशें सफल भी हो रही हैं। देश की विकास गति को लेकर आज आए आंकड़े भी इसके गवाह हैं।’ यह कथन देश की आर्थिक मजबूती और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित करता है।

वित्त मंत्री बोलीं- 2025-26 में GDP वृद्धि दर 7.7% रहने का अनुमान

इसी क्रम में, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी देश की आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत सरकार वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सकारात्मक आर्थिक गति को सुनिश्चित करने के लिए निर्णायक नीतिगत उपायों के साथ सुधारों की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्ध है। यह दर्शाता है कि सरकार आर्थिक स्थिरता और वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

यह भी गौरतलब है कि केंद्र सरकार का ध्यान ऐसे संरचनात्मक सुधारों पर केंद्रित है, जो न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक स्थिरता और मजबूती प्रदान करें, बल्कि आम लोगों के जीवन को सरल और सुगम बनाने में भी सहायक हों। इसके अतिरिक्त, देश में व्यापार और निवेश के लिए एक उत्कृष्ट एवं अनुकूल माहौल तैयार करने पर भी सरकार निरंतर सक्रियता से कार्य कर रही है। इन प्रयासों का लक्ष्य भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक अग्रणी स्थान दिलाना तथा प्रत्येक नागरिक के लिए समृद्धि और विकास के अवसर सुनिश्चित करना है।

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