प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मणिपुर के दौरे पर पहुंचे यहाँ उन्होंने चुराचांदपुर में आयोजित कार्यक्रम में 7 हजार करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया, उन्होंने कहा ये प्रोजेक्ट्स मणिपुर के लोगों की, यहां हिल्स पर रहने वाले ट्राइबल समाज की जिंदगी को और बेहतर बनाएंगे। मोदी बोले मणिपुर के नाम में ही मणि है, ये वो मणि है जो आने वाले समय में पूरे नॉर्थ-ईस्ट की चमक को बढ़ाने वाली है।
मणिपुर में करीब दो साल पहले हुई हिंसा के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर का दौरे को लेकर विपक्ष हमलवार था, वो बार बार प्रधानमंत्री के मणिपुर ना जाने पर सवाल कर रहा था लेकिन मोदी दिल्ली में बैठकर मणिपुर के हालात पर नजर बनाये हुए थे और सब कुछ सामान्य हो जाने के बाद आज सौगातों के साथ मणिपुर के पीड़ितों का हाल जानने पहुंचे।
मणिपुर में आशा और विश्वास का एक नया सवेरा उग रहा है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मणिपुर की धरती आशा और आकांक्षाओं की धरती है। दुर्भाग्य से हिंसा ने इस खूबसूरत क्षेत्र पर अपनी छाया डाल दी है। कुछ समय पहले मैं राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित लोगों से मिला। उनसे मिलने के बाद, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि मणिपुर में आशा और विश्वास का एक नया सवेरा उग रहा है। किसी भी जगह विकास की जड़ें जमाने के लिए शांति आवश्यक है। पिछले ग्यारह वर्षों में, पूर्वोत्तर में कई संघर्ष और विवाद सुलझ गए हैं। लोगों ने शांति का मार्ग चुना है और विकास को प्राथमिकता दी है।
PM बोले- मणिपुर की ये धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है
प्रधानमंत्री ने कहा मणिपुर की ये धरती हौसलों और हिम्मत की धरती है। ये हिल्स, प्रकृति का अनमोल उपहार हैं, और साथ ही ये हिल्स आप सभी लोगों की निरंतर मेहनत का भी प्रतीक हैं। मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सैल्यूट करता हूं। इतनी भरी बारिश में भी आप इतनी बड़ी संख्या में यहां आए, मैं आपके इस प्यार के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं।
मैं मणिपुर के लोगों के प्रति सम्मानपूर्वक अपना सिर झुकाता हूँ
उन्होंने कहा जब मौसम की वजह से मेरा हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, तो मैंने सड़क मार्ग से यात्रा करने का विकल्प चुना। सड़क किनारे लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर मेरा स्वागत किया। मुझे जो गर्मजोशी और प्यार मिला, उसे मैं कभी नहीं भूल पाऊँगा। मैं मणिपुर के लोगों के प्रति सम्मानपूर्वक अपना सिर झुकाता हूँ।
हिल्स पर रहने वाले ट्राइबल समाज की जिंदगी को और बेहतर बनाएंगे
मोदी ने कहा- मणिपुर के नाम में ही मणि है, ये वो मणि है जो आने वाले समय में पूरे नॉर्थ-ईस्ट की चमक को बढ़ाने वाली है। भारत सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि मणिपुर को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाएं। इसी कड़ी में मैं आज यहां आप सभी के बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले इसी मंच से करीब 7 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास हुआ है। ये प्रोजेक्ट्स मणिपुर के लोगों की, यहां हिल्स पर रहने वाले ट्राइबल समाज की जिंदगी को और बेहतर बनाएंगे।
रोड कनेक्टिविटी, रेल कनेक्टिविटी से हुआ जनजीवन आसान
पीएम ने कहा पहले यहां गांवों में पहुंचना कितना मुश्किल था, आप सभी जानते हैं। अब सैकड़ों गांवों में यहां रोड कनेक्टिविटी पहुंचाई गई है। इसका बहुत अधिक लाभ पहाड़ी लोगों को, ट्राइबल गांवों को हुआ है। हमारी सरकार के दौरान ही मणिपुर में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है। जीरीबाम-इंफाल रेलवे लाइन बहुत जल्द राजधानी इंफाल को नेशनल रेल नेटवर्क से जोड़ देगी। मणिपुर की सीमा अन्य देशों से लगती है और यहाँ कनेक्टिविटी हमेशा से एक चुनौती रही है। मैं समझता हूँ कि खराब कनेक्टिविटी के कारण आपको किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
करोड़ों रुपए खर्च कर तैयार हो रहे राष्ट्रीय राजमार्ग
प्रधानमंत्री ने कहा 2014 से मैंने मणिपुर में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर बहुत ज़ोर दिया है। इसके लिए भारत सरकार ने दो स्तरों पर काम किया है। पहला, हमने रेल और सड़क परियोजनाओं के लिए बजट में कई गुना वृद्धि की है। दूसरा, हमने शहरों से गाँवों तक सड़कें बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। हाल के वर्षों में, यहाँ राष्ट्रीय राजमार्गों पर 3,700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं और 8,700 करोड़ रुपए के निवेश से नए राजमार्गों पर काम चल रहा है।
मणिपुर भी देश के बाकी हिस्सों की तरह तरक्की कर रहा है
एक समय था जब दिल्ली में लिए गए फैसलों को यहाँ तक पहुँचने में दशकों लग जाते थे। आज, हमारा चुराचांदपुर, हमारा मणिपुर, देश के बाकी हिस्सों के साथ मिलकर प्रगति कर रहा है। जैसे हमने देश भर के गरीबों के लिए पक्के मकान बनाने की घोषणा की, मणिपुर को भी इसका लाभ मिला है। यहाँ लगभग 60,000 घर पहले ही बन चुके हैं, जिससे हज़ारों परिवारों को सम्मान और सुरक्षा का जीवन मिल रहा है।
मैं आपके साथ हूं, भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है
हमें संतोष है कि हाल ही में hills और valley में अलग-अलग समूह के साथ समझौतों के लिए बातचीत हुई है। ये भारत सरकार के उन प्रयासों का हिस्सा है जिसमें संवाद, सम्मान और आपसी समझ को महत्व देते हुए शांति की स्थापना के लिए काम किया जा रहा है। मैं सभी संगठनों से अपील करूंगा कि शांति के रास्ते पर आगे बढ़कर अपने सपनों को पूरा करें। मैं आपके साथ हूं, भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है।






